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जयपुर।
राजस्थान में ईस्टर्न कैनाल परियोजना को लेकर सियासी पारा गर्माया हुआ है। जयपुर में शुक्रवार को एक रिव्यू मीटिंग के दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्य के जलदाय मंत्री महेश जोशी के बीच सुबह हुआ 'आमना-सामना', आधी रात बाद तक जारी रहा। दिनभर चले घटनाक्रम के बाद रात होते-होते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और जलशक्ति मंत्री के बीच ट्वीट वार से मामला और ज़्यादा गरमा गया।
आधी रात बाद शेखावत के धड़ाधड़ ट्वीट्स
ईस्टर्न कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे की बात पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और गहलोत सरकार के जलदाय मंत्री महेश जोशी के बीच सुबह शुरू हुआ विवाद आधी रात बाद तक जारी रहा। विवाद में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हस्तक्षेप के बाद गहलोत और शेखावत के बीच ट्वीट वार शुरू हो गया।
गहलोत ने जहां रात तो साढ़े 9 बजे के बाद एक के बाद सात ट्वीट्स के ज़रिये जारी अपने बयान में शेखावत को आड़े हाथ लिया, तो वहीं शेखावत ने भी आधी रात बाद साढ़े 12 बजे से लेकर एक बजे तक धड़ाधड़ सात जवाबी ट्वीट्स से ही पलटवार भी किया।
आधी रात 'ट्वीट वार': टाइमलाइन
पहला ट्वीट: आधी रात 12:38
''पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना पर राजनीति करने के लक्ष्य से गहलोत सरकार के मंत्री और स्वयं मुख्यमंत्री जी का जो व्यवहार है उसे किसी भी सूरत में सामान्य नहीं कहा जा सकता''
दूसरा ट्वीट: आधी रात 12:44
''आज जयपुर में जल जीवन मिशन की क्षेत्रीय कार्यशाला के साथ मैंने ERCP, जवाई पुनर्भरण, यमुना जल एवं राजस्थान के अन्य अंतर्राज्यीय विषयों पर बैठक बुलायी थी लेकिन मुख्यमंत्री व मंत्री जी दोनो ने अपने आने की असमर्थता व्यक्त कर दी। राजस्थान के लिए इनकी गम्भीरता यहीं से स्पष्ट है।''
तीसरा ट्वीट: आधी रात 12:46
''ERCP को लेकर माननीय प्रधानमंत्री जी पर वादा खिलाफ़ी का आरोप मुख्यमंत्री जी एवं उनके सिपहसालार लगाते रहते हैं।प्रधानमंत्री जी ने अपने वक्तव्यों में परियोजना के लिए तकनीकी मूल्यांकन के पश्चात संवेदनशीलता के साथ विचार करने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है।''
चौथा ट्वीट: आधी रात 12:48
''अपने किसी भी वक्तव्य में प्रधानमंत्री जी इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने का वादा करने की बात नहीं की है।देश के विकास कार्यों से जुड़ी हर एक परियोजना पर क्रम वार तरीके से काम होता है। आशा है कि माननीय मुख्यमंत्री ये भली भांति जानते होंगे।''
पांचवां ट्वीट: आधी रात 12:52
''ERCP को भी टेकनिकल अप्रेजल एवं स्वीकृति तथा अंतर्राज्यीय सहमति के बाद ही राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया जा सकता है।भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने इसके लिए दस से ज़्यादा बार मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के अधिकारियों के बीच सहमति बनाने के लिए बैठकें आयोजित की हैं।''
छठा ट्वीट: आधी रात 12:54
''आम जन की भावनाओं का इस्तेमाल कर, सिर्फ राजनैतिक फायदों के लिए मांग उठाने वाले ये याद रखें कि ये मोदी सरकार है। हम जो कहते हैं वो करते हैं।ERCP पर काम होगा और केंद्र सरकार उसे पूरा करने के लिए कटिबद्ध है, लेकिन राजस्थान की गहलोत सरकार को अपनी भूमिका निभानी पड़ेगी।
सातवां ट्वीट: आधी रात 12:55
''अपनी विफलता को छुपाने के लिए हर योजना पर राजनीति करने की आदत कांग्रेस को छोड़नी पड़ेगी, नहीं तो राजनीति उन्हें छोड़ देगी।''
गहलोत ने भी साधा शेखावत पर निशाना
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जलशक्ति मंत्री के ईस्टर्न कैनाल परियोजना पर सामने आये रुख के बाद उन्हें निशाने पर लिया। गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मैं लगातार 3 वर्षों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जयपुर एवं अजमेर में चुनाव से पहले 13 जिलों की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को राष्ट्रीय परियोजना (नेशनल प्रोजेक्ट) का दर्जा देने के वादे की याद दिला रहा हूं। परन्तु अब जाकर राजस्थान से आने वाले केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री को असत्य बोलकर प्रधानमंत्री के वादे का खंडन करना याद आया। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
गहलोत ने कहा कि होना ये चाहिए था कि उन्हें पहले से चल रहे 16 नेशनल प्रोजेक्ट के साथ ERCP को भी 17वें नेशनल प्रोजेक्ट का दर्जा दिलवाकर PM के वादे को पूरा करवाना चाहिए था। वे राजस्थान से सांसद भी हैं एवं केन्द्र में जलशक्ति मंत्री
Published on:
09 Apr 2022 11:18 am
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