
हर 5 साल बाद सपने तो खूब दिखाए, लेकिन सरकार बनाते ही भूले दोनों दल
जयपुर. एक-दो दिन में दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अपना घोषणा पत्र जारी कर देंगे। इनमें पहले की तरह इस बार भी बेरोजगारों को रोजगार और नौकरी के सपने दिखाए जाएंगे। 15 साल में पहले भी हर 5 साल बाद युवाओं को ऐसे ही सपने दिखाए गए जबकि सीएजी (कैग) की ताजा रिपोर्ट कहती है, रोजगार के नाम पर फर्जी आंकड़े तैयार हो रहे हैं। केन्द्र सरकार के मोटी राशि देने के बावजूद रोजगार के लिए प्रशिक्षण के आंकड़े भी कागजों में ही बढ़ रहे हैं।
वादे बने जुमलेबाजी
जमीनी सच यह है कि युवा बेरोजगारी के कारण नशे के शिकार हो रहे हैं, अपराधों की ओर मुड़ रहे हैं या किसी ट्रेन के आगे कूदकर जान दे रहे हैं। अलवर में ट्रेन के आगे आकर जान देने का मामला हाल ही सामने आया है। इस घटना से फिर जाहिर हो रहा है कि सत्ता में आने के लिए राजनीतिक दल चुनाव के समय घोषणा पत्र में रोजगार को लेकर दावे तो खूब करते हैं लेकिन ये वादे जुमलेबाजी ही बनकर रह जाते हैं। हकीकत यह है कि आबादी में 55 प्रतिशत हिस्सा युवाओं का है।
प्रदेश में 33 लाख युवा बेरोजगार
नियंत्रक व महालेखा परीक्षक ने जनगणना-2011 का हवाला देकर बताया है कि प्रदेश में 33 लाख युवा बेरोजगार हैं। 3 चुनावों में दोनों ही दल सत्ता में आए और रोजगार देने का वादा अपने घोषणा पत्रों में प्रमुखता से शामिल किया। भाजपा ने 2003 में प्रतिवर्ष एक लाख को रोजगार देने का वादा किया था। यह वर्ष 2013 पहुंचते-पंहुचते 15 लाख तक पहुंच गया। पार्टी कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार देने का वादा कर रही है। कैग रिपोर्ट ने इस वादे की हवा निकाल दी। रिपोर्ट के अनुसार कौशल विकास की 3 योजनाओं में 189 करोड़ खर्च किए गए। इसके बावजूद प्रशिक्षण का जितना लक्ष्य निर्धारित किया गया था, वह भी पूरा नहीं किया गया।
घोषणा, जिन्होंने दिखाए सपने
- 2003
भाजपा
- प्रतिवर्ष एक लाख युवा को रोजगार
- न्यूनतम मजदूरी को मूल्य सूचकांक से जोड़ा जाएगा
- महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण तथा ऋण
- योग्यता प्राप्त बेरोजगारों को रोजगार गारंटी
कांग्रेस
- महाराष्ट्र की तर्ज पर रोजगार गारंटी योजना के लिए केंद्र पर दबाव का प्रयास
- थड़ी ठेले वालों को दस-दस साल के लिए स्थान का लाइसेंस
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर
- 2008
भाजपा
- दस लाख नौकरियों के लिए अवसर
- रोजगार के लिए दक्षता विकास कार्यक्रम
- उद्योगों को प्रत्साहित कर दस लाख नौकरियां
- श्रम आधारित उद्योगों पर विशेष ध्यान
कांग्रेस
- दस लाख युवाओं को सरकारी एवं निजी क्षेत्र में नौकरी
- राजकीय रोजगार कार्यालयों का निजी क्षेत्र के साथ समन्वय
- हस्तशिल्पियों एवं दस्तकारों को अधिकाधिक रोजगार
- 2013
भाजपा
- पांच साल में 15 लाख को रोजगार
- चूरू में सेना भर्ती के लिए अकादमी
- राज्य अधीनस्थ सेवा बोर्ड का पुनर्गठन
- एक हजार रुपए तक बेरोजगारी भत्ता
- रोजगार के लिए कौशल वृद्धि योजना
कांग्रेस
- कुशल कारीगर तैयार करना
- कुशल कारीगरों की शिक्षा व प्रशिक्षण के लिए गांवों में संस्थाएं खोलना
- कस्बों व कॉलोनियों में थड़ी-ठेले लगाने की जगह चिह्नित करना
Updated on:
23 Nov 2018 11:58 am
Published on:
23 Nov 2018 11:58 am
