5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Election 2018: CM राजे ने बेरोज़गार युवाओं से कर डाले ढेर सारे वादे, बोलीं- फिर मौका दिया तो…

Rajasthan Assembly Election 2018: https://election.patrika.com/
4 min read
Google source verification
Rajasthan Election 2018: BJP Manifesto CM Vasundhara Raje for Youth

जयपुर।

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 (Rajasthan Assembly Election 2018) में सत्तारूढ़ भाजपा ने सत्ता में बरकरार रहने का लक्ष्य रखते हुए एक बार फिर प्रदेश के बेरोज़गार युवाओं को फोकस में रखा है। पार्टी ने मंगलवार को जारी अपने घोषणा पत्र 'राजस्थान गौरव संकल्प-2018' में भी बेरोज़गार युवाओं से ढेर सारे वादे किये हैं। इस बार के घोषणा पत्र में भाजपा ने 94 प्रतिशत वादों को पूरा करने का दावा करते हुए अगली सरकार में प्रतिवर्ष 30 हजार सरकारी नौकरी तथा निजी क्षेत्र में पचास लाख रोजगार सृजित करने के साथ पांच हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का भरोसा दिलाया है।


राजस्थान गौरव संकल्प-2018 घोषणा पत्र में शिक्षित बेरोजगारों को मापदंडों के अन्तर्गत अधिकतम पांच हजार रुपय प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने तथा सरकारी क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग 30 हजार सरकारी नौकरी देने के साथ साथ आगामी पांच वर्ष में स्वरोजगार एवं निजी क्षेत्र में 50 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का भरोसा दिलाया है।

इसके अलावा अनारक्षित युवाओं एवं लघु उद्यमियों को रियायती दर भूमि एवं ऋण, जिला मुख्यालयों पर रोजगार मेले, जैसलमेर में मरु साहसिक प्रशिक्षण केन्द्र, सिलाई कला बोर्ड का गठन, रोजगार प्रकोष्ठ की स्थापना तथा रोजगार में मूल निवासियों के हितों का वादा किया गया है।

पिछले वादे ही नहीं हुए पूरे: यादव
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव का कहना है कि वसुंधरा सरकार ने पिछले चुनाव में बेरोज़गार युवाओं के लिए किये गए वादे ही पूरे नहीं किये। उन्होंने कि बीजेपी ने पिछली बार सत्ता में आने पर 15 लाख नौकरियां देने का वादा किया था। साथ ही आरटेट खत्म करके आरपीएससी से एग्जाम कराने, विद्यार्थी मित्रों को स्थाई करने, परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों का किराया माफ करने और स्कूलों में पृथक से माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक भर्ती करवाने का वादा किया था। लेकिन आज तक भाजपा सरकार के वादे अधूरे ही हैं।

यादव ने बताया कि आज भी भाजपा सरकार की एक लाख छ हजार से ज्यादा भर्तियां लंबित है। यही नहीं इसके अलावा कांग्रेस सरकार की 68 हज़ार पदों से ज्यादा भर्तियां लंबित है जो भाजपा सरकार की सबसे बड़ी नाकामयाबी है। इस बार का घोषणा पत्र भी सबसे बड़ा जुमलों का घोषणा पत्र है।

बीजेपी घोषणा पत्र में ये भी
भाजपा ने मेवात क्षेत्र में गौ तस्करी, गौ हत्या रोकने के विशेष प्रयास, जयपुर मेट्रो का काम 2021 तक पूरा करने, सीमावर्ती क्षेत्र में आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने, मीना और मीणा विवाद सुलझाने, रोडवेज की दशा सुधारने, किसानों को दस हजार रुपये तक मुफ्त बिजली देने का भी वादा किया गया है। सरकारी स्कूलों कालेजों में प्रवेश लेने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, स्मार्ट फोन देने के लिए योजना, हर विधानसभा क्षेत्र में महाविद्यालय, शैक्षणिक पदों पर नियमित भर्तियां, शोध नियामक आयोग का गठन तथा भारतीय संस्कृति के अनुरुप शिक्षा देने वाली संस्थाओं को रियायती दर पर भूखंड देने का वादा किया है।

घोषणा पत्र में किसानों की आय को दुगना करने के लक्ष्य के मद्देनजर 250 करोड़ रुपये का ग्रामीण स्टार्ट अप कोष स्थापित करने, प्रतिवर्ष एक हजार किसानों को इजरायल व अन्य देशों में खेती की उन्नति दिखाने के लिए उनके दौरे कराने और रोजड़ों से फसलों की सुरक्षा की कारगर योजना बनाने का वायदा किया है। भाजपा ने किसानों को एक वर्ष में दस हजार रुपये की मुफ्त बिजली देने का भी भरोसा दिलाया है।

राज्य में मीना के साथ मीणा विवाद को गंभीरता से लेते हुए भाजपा ने वादा किया है कि मीना के साथ मीणा को राज्य की अनुसूचित जनजाति की सूची क्रमांक नौ पर जोडऩे के लिए जनजाति कार्य मंत्रालय को अनुशंषा भेजी जायेगी। मेवाड़ भील कोर को रजिमेन्ट का दर्जा, आदिवासी उप योजना क्षेत्र के विकास के लिए पांच वर्ष में 5 हजार करोड़ रुपये खर्च करने, भूमि के राजस्व रिकार्ड को दुरुस्त करने का भी वादा किया गया है।

भाजपा ने असंगठित क्षेत्र के सभी कर्मियों को आधार या भामाशाह से जोड़कर स्मार्ट कार्ड देने, मनरेगा श्रमिकों को एक वर्ष में सौ दिन का रोजगार, असंगठित श्रमिकों के लिए प्रथक श्रम कल्याण बोर्ड, शहरी रोजगार गारन्टी कानून, वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने, प्रत्यके गांव में खेल मैदान, सरपंचों के साथ वार्ड पंचों को भी मानदेय, तीन हजार की जनसंख्या वाले गांव में एक किलो वॉट तक मुफ्त बिजली, एक लाख वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा, राजस्थानी भाषा को मान्यता का प्रयास करने का भरोसा दिलाया है।

घोषणा पत्र में सेना एवं अर्ध सैनिक बलों में कार्यरत सैनिकों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा, तहसील स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र बनाने, खनन उद्योग के नियमों को सरल करने, रोडवेज के घाटे को दूर करने की योजना, महिला उद्यमियों को रीकों में 33 प्रतिशत आरक्षण का वायदा किया गया है। सभी ग्राम पंचायतों को 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा से जोडऩे, सभी जिला अस्पतालों में एमआरआई एवं सिटी स्कैन तथा निशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराने का वायदा किया गया है।

भाजपा ने सरकारी विभागों में स्वीकृत सभी रिक्त पदों को एक वर्ष में अभियान चलाकर भरने, क्रीमी लेयर का केन्द्र सरकार के समक्ष करने, बंगलादेशी एंव रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान कर देश से बाहर भेजने, परशुराम बोर्ड का गठन करने का वादा किया है। वहीं सिंचाई एवं पेयजल के लिए 13 जिलों को जोडऩे वाली 37 हजार करोड़ रुपये की लागत की ईस्टर्न राजस्थान कैनाल परियोजना से वंचित गांवों को यमुना नदी से जोडऩे हेतु केन्द्रीय जल आयोग के समक्ष प्रस्तुत डीपीआर का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराने का भी वादा किया गया है। इससे राज्य के 26 बांधों में जल आपूर्ति की जायेगी। जिससे इन बांधों के लगभग 80 हजार हैक्टर क्षेत्र में सुविधा में सुधार किया जाने के साथ साथ 2 लाख हैक्टर क्षेत्र में नवीन सिंचाई सुविधा सृजित होगी।

पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने, हमलावरों को गैर जमानती अपराधी घोषित करने, चिकित्सा बीमा तीन से पांच लाख करने व पत्रकारों को पेंशन देने का वादा भी किया गया है।