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राजस्थान चुनाव: वसुंधरा-जावड़ेकर की लाख मनुहार बाद भी ‘टस-से-मस’ नहीं हुए ये 5 मंत्री, बागी होकर डटे रहने का किया ऐलान

राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election 2018) में भाजपा के अथक प्रयासों के बाद केवल तीन विधायक ही चुनावी मैदान से हटे।
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Rajasthan Election 2018: Vasundhara Raje ministers against BJP

जयपुर।

राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election 2018) में भाजपा के अथक प्रयासों के बाद केवल तीन विधायक ही चुनावी मैदान से हटे। वसुंधरा सरकार के पांच मंत्रियों तथा पांच विधायकों सहित कई पदाधिकारी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। भाजपा के चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने साफ कह दिया कि जो भाजपा छोड़कर गए हैं, उनकी दशा देख लीजिए। भाजपा में व्यक्ति नहीं, पार्टी सर्वोपरि है।

इन 'बागी' मंत्रियों पर नहीं चली वसुंधरा-जावड़ेकर की मनुहार
टिकट नहीं मिलने पर वसुंधरा सरकार के बागी हुए मंत्रियों में भी एक भी मैदान छोड़कर भाजपा के साथ आने को तैयार नहीं हुआ। यहां जानें कौन हैं वो 5 मंत्री जो बीजेपी पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय डटे हुए हैं।

1. सुरेंद्र गोयल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री, (जैतारण)

2. हेमसिंह भड़ाना, सामान्य प्रशासन मंत्री, (थानागाजी)

3. राजकुमार रिणवा, देवस्थान राज्य मंत्री, (रतनगढ़)

4. धनसिंह रावत, संसदीय मामलात राज्यमंत्री, (बांसवाड़ा)

5. ओमप्रकाश हुड़ला, संसदीय सचिव, (महुवा)

भाजपा के लिए यह राहत की बात है कि बांसवाड़ा से निर्दलीय उतरे शेखावत सरकार में मंत्री रहे दलीचंद मईड़ा ने अपना नाम वापस ले लिया है।

आखिरी समय तक मान-मनौव्वल
नामांकन वापसी के आखिरी दिन चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई। नाम वापसी के आखिरी समय तक भाजपा अपने बागियों को मनाने में जुटी रही, लेकिन पार्टी के रणनीतिकार केवल तीन विधायकों के नाम वापस करवा पाए। विधायक भवानीसिंह राजावत ने लाडपुरा, ज्ञानदेव आहूजा ने सांगानेर तथा डॉ. अल्का सिंह गुर्जर ने मालपुरा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था, लेकिन गुरुवार को तीनों विधायकों ने अपने नाम वापस लेकर भाजपा का साथ देने का संकल्प दोहराया है।

साथ छोडऩे वालों के साथ कार्यकर्ता नहीं जाते : जावड़ेकर
इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भाजपा का सदस्य कभी भाजपा का साथ नहीं छोड़ता है। बागियों को मनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन्होंने भाजपा छोड़ी है, उनकी स्थिति देख लीजिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता साथ छोडऩे वालों के साथ कभी नहीं जाते हैं। यही हमारी ताकत है।


भाजपा की चिंता बढ़ाई
भाजपा विधायक किसनाराम नाई श्रीडूंगरगढ़, अनिता कटारा सागवाड़ा, देवेंद्र कटारा डूंगरपुर तथा नवनीतलाल निनामा घाटोल से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरकर भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर श्रीगंगानगर, पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने मारवाड़ जंक्शन, पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी ने सांचौर, जयपुर देहात अध्यक्ष डी.डी. कुमावत ने फुलेरा, बानसूर यूआईटी के अध्यक्ष देवी सिंह शेखावत बानसूर तथा पूर्व प्रदेश महामंत्री कुलदीप धनकड़ विराटनगर से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। उदयपुर से गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ उतरे दतपत सुराणा ने भी अपना नाम वापस नहीं लिया।

... इधर, राज्यमंत्री रावत ने दिया इस्तीफा
बांसवाड़ा विधानसभा सीट से निर्दलीय नामांकन दाखिल करने वाले राज्यमंत्री धनसिंह रावत ने अपना तो नामांकन वापस नहीं लिया और पार्टी से ही त्यागपत्र देकर सभी को हतप्रभ कर दिया। अब बागी के रूप में चुनाव मैदान में डट गए हैं। घाटोल सीट पर भाजपा के बागी नवनीतलाल निनामा तथा कुशलगढ़ में कांग्रेस की बागी रमीला के डटे रहने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है और अधिकृत प्रत्याशियों के लिए चुनौती की स्थिति बन गई है।

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