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Rajasthan Election 2023 : टिकट कटा- तो ‘भड़के’ कांग्रेस एमएलए भरत सिंह, कर डाले ये हैरान करने वाले ‘खुलासे’

Rajasthan Assembly election 2023 : टिकट कटने पर भड़के सिर मुंडवाने वाले कांग्रेस एमएलए भरत सिंह, अब कर डाले ये 'खुलासे'!  

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जयपुर।

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी अब तक अपने प्रत्याशियों की पांच सूचियां जारी कर चुकी है। सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली इस सत्तारूढ़ पार्टी ने 156 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है, जबकि शेष रही सीटों पर सस्पेंस बरकरार है। इन सभी के बीच घोषित सीटों में से ज़्यादातर पर प्रत्याशियों के नामों को लेकर विरोध तेज़ हो गए हैं। टिकट से वंचित दावेदार और उनके समर्थक अपने-अपने तरीके से अधिकृत प्रत्याशी के नाम को लेकर ऐतराज़ जाता रहे हैं।

इधर, कांग्रेस के सीनियर नेता और सांगोद विधानसभा क्षेत्र से सिटिंग एमएलए भरत सिंह कुंदनपुर टिकट कटने से नाराज़ हैं। कांग्रेस की सूची में खुद का नाम नहीं होने पर उन्होंने नाराज़गी जताई है। साथ ही प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को लिखे खत में कई हैरान करने वाले आरोप लगाए हैं।

पहला आरोप : मतदाता ही नहीं है प्रत्याशी
सांगोद विधायक भरत सिंह ने प्रदेश प्रभारी रंधावा को लिखे शिकायती खत पर घोषित प्रत्याशी भानु प्रताप सिंह को लेकर कई बातों का खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि भानु प्रताप सिंह ना तो सांगोद विधानसभा क्षेत्र का निवासी है और ना ही यहां का मतदाता ही है। उन्हें पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र जहां से वो निवासी हैं, वहां से प्रत्याशी बनाया जाता तो ज़्यादा बेहतर होता।

दूसरा आरोप : पार्टी गतिविधियों में नहीं रहे शामिल
विधायक भरत सिंह ने कहा कि घोषित प्रत्याशी भानु प्रताप सिंह गत 10 वर्षों से सांगोद विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं रहा है। ऐसे में ये क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की भावनाओं का अपमान है।

तीसरा आरोप : ऑब्जर्वर की भूमिका संदिग्ध
विधायक भरत सिंह ने तीसरा बड़ा आरोप एक आईसीसी ऑब्ज़र्वर का नाम लेते हुए लगाया है। उन्होंने कहा सांगोद प्रत्याशी चयन में कांग्रेस के एआईसीसी ऑब्जर्वर काजी निजामुद्दीन की भूमिका संदिग्ध है। ऐसे में आपसे अनुरोध है कि समय रहते अपनी भूल सुधार कर लें।

चौथा आरोप : पूर्व के सुझावों को नज़रंदाज़ किया
भरत सिंह ने कहा कि विडंबना तो यह है कि काजी निजामुद्दीन द्वारा सोची समझी साजिश को अब सुधर क्यों किया जावे? मुझे इस बात का खेद है कि आपने पूर्व के पत्रों और सुझावों को नजरअंदाज किया है।

सिर मुंडवाकर सीएम को भेजे थे बाल
विधायक भरत सिंह पहले भी कई बार अपनी ही कांग्रेस सरकार और सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ नाराज़गी जता चुके हैं। करीब एक महीने पहले ही उन्होंने खान मंत्री प्रमोद जैन भाया के कथित भ्रष्टाचार और उसके प्रति मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अनदेखी के खिलाफ मुंडन करवाया था। मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए तब उन्होंने कहा था कि आपका 'ईमान मर जाने पर' मैं मुंडन करवा कर अपने केश आपको भेंट कर रहा हूं। कृपया यह तुच्छ भेंट स्वीकार करें एवं महात्मा गांधी को याद कर उनके बताएं सात पाप पर चिंतन करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद स्थाई नहीं होता है। इसके बाद सीएम गहलोत अपने एक दौरे के दौरान विधायक भरत सिंह के घर भी गए थे।