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Rajasthan Election Result: पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। एक्जिट पोल भले ही मिले-जुले आकलन बता रहे हैं, लेकिन ये चुनाव परिणाम कई रूप में महत्वपूर्ण होंगे। चुनाव नतीजों से सरकार का निर्णय तो होगा, कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी इससे आंकी जाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी परम्परागत सीट सरदारपुरा ( Sardarpura Assembly Constituency) से चुनाव लड़े हैं। उनके सामने इस बार भाजपा ने महेन्द्र सिंह को उतारा है। गहलोत जीत को लेकर आश्वस्त हैं। हालांकि चर्चा उनकी जीत के अंतर को लेकर रहती है कि यह कम होगा या ज्यादा।
कांग्रेस के सचिन पायलट लगातार दूसरी बार टोंक ( Tonk Assembly Constituency ) से चुनावी मैदान में उतरे हैं। उनके सामने भाजपा ने इस बार पूर्व विधायक अजीत मेहता को उतारा है। सचिन यहां से वर्तमान विधायक हैं तो अजीत यहीं से वर्ष 2013 के चुनाव में जीत चुके हैं। इसी तरह भारतीय जनता पार्टी की वसुंधरा राजे अपनी परम्परागत सीट झालरापाटन ( Jhalrapatan Assembly Constituency) से उतरी हैं। यहां कांग्रेस ने गत चुनाव में जहां मानवेन्द्र सिंह को उतारा था, वहीं अबके पिड़ावा से प्रधान रह चुके रामलाल चौहान को उतारा है। राजेन्द्र राठौड़ की तारानगर सीट ( Taranagar Assembly Constituency ) पर हर किसी की नजर है। इस बार उनकी परम्परागत चूरू सीट को बदला गया है। चुनाव के दौरान भी यह मुकाबला चर्चा में रहा था। चुुनाव परिणाम में अशोक गहलोत, सचिन पायलट और वसुंधरा राजे और राजेंद्र राठौड़ की सीट पर सबकी नजर रहेगी।
इनका माना जा रहा आखिरी चुनाव
कांग्रेस के अमीन खान शिव से चुनावी मैदान में हैं, जो उम्र में सबसे सीनियर हैं। यह उनका आखिरी चुनाव माना जा रहा है। इसके अलावा नाथद्वारा से कांग्रेस के सीपी जोशी खुद कह चुके हैं, कि यह उनका आखिरी चुनाव है। ऐसे और भी नेता हैं जिनका यह आखिरी चुनाव है। ऐसे में इन नेताओं की हार-जीत को उनकी प्रतिष्ठा से जोड़ कर भी देखा जा रहा है।
सांसदों पर खरा उतरने का दबाव
भाजपा ने इस बार सात सांसदों को चुनावी मैदान में उतारा है। विद्याधर नगर से दीया कुमारी, झोटवाड़ा से राज्यवर्धन सिंह, किशनगढ़ से भागीरथ चौधरी, सांचौर से देवजी पटेल, तिजारा से बालकनाथ, सवाई माधोपुर से किरोड़ी लाल मीना व मंडावा से नरेन्द्र कुमार चुनावी मैदान में हैं। विद्याधर नगर को छोड़ अन्य सभी सीटों पर भाजपा हारी हुई है। ऐसे में इन पर पार्टी के भरोसे पर खरा उतरने और खुद की प्रतिष्ठा बचाने का दबाव भी है।
दोनों बड़े दलों के नेता भी चर्चा में
दिग्गज नेताओं में भाजपा के सतीश पूनिया, ज्योति मिर्धा, विजय बंसल, प्रभुलाल सैनी, श्रीचंद कृपलानी, मदन दिलावर और कांग्रेस से गोविंदराम मेघवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास, शान्ति धारीवाल, प्रमोद जैन भाया, विश्वेन्द्र सिंह, उदयलाल आंजना, परसादी लाल मीना, मुरारी मीना, ममता भूपेश, टीकाराम जूली व अन्य मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है।
दल-बदल वालों पर सबकी नजर
चुनाव से पहले पार्टी बदलने वालों के लिए भी यह चुनाव राजनीतिक भविष्य तय करेगा। बाड़ी से गिर्राज मलिंगा कांग्रेस से भाजपा में आए तो किशनगढ़ में विकास चौधरी भाजपा से कांग्रेस में शामिल हो गए। इसी तरह खंडेला से सुभाष मील व लक्ष्मणगढ़ से सुभाष महरिया कांग्रेस से भाजपा में तथा गुढ़ामालानी से कर्नल सोनाराम भाजपा से कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव लड़ रहे हैं।
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Published on:
01 Dec 2023 12:20 pm
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