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राजस्थान में हार पर कांग्रेस की समीक्षा बैठक, रंधावा बोले – अभी बदलाव नहीं

राजस्थान में कांग्रेस ने अपनी हार पर समीक्षा बैठक में मंथन किया। बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दिया मजेदार जवाब।

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राजस्थान विधानसभा चुनाव में मिली हार को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को दिल्ली में मंथन किया। कांग्रेस मुख्यालय में बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। इसमें विधायक व मंत्रियों के टिकट नहीं बदलने और उनके खिलाफ एंटी इनकंबेंसी को जिम्मेदार माना गया। भाजपा के ध्रुवीकरण का मामला भी उठा, लेकिन यह ध्रुवीकरण पूरे प्रदेश के बजाय कुछ सीटों पर ही माना गया। करीब दो घंटे तक हार के कारणों पर चर्चा के साथ ही आगे कदम बढ़ाते हुए सभी नेताओं को लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने के लिए कहा गया। कांग्रेस विस चुनाव जीतकर रिवाज बदलना चाह रही थी लेकिन टिकट नहीं बदलना और मंत्री-विधायकों के खिलाफ एंटीइनकंबेसी आड़े आई।



गुटबाजी के चलते हार को पार्टी ने किया खारिज

बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि पहले की कांग्रेस सरकारों में विधायक रहे नेताओं को इतनी छूट नहीं मिली, जितनी इस बार दी गई। इससे जनता में तमाम विधायक व मंत्रियों को लेकर आक्रोश था। बैठक में गुटबाजी के चलते पार्टी की हार का जिक्र भी आया, लेकिन इसे यह कहकर खारिज कर दिया गया कि एक साल से ऐसा नहीं था। बैठक में प्रदेश इकाई की ओर से आलाकमान को लोकसभा और जिलेवार विधानसभा नतीजों की सूची सौंपी गई। इसमें सीटवार हार-जीत के कारणों का उल्लेख भी किया गया है।

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बदलाव तब होता, जब हमारा प्रदर्शन नीचे जाता

प्रभारी रंधावा ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि राजस्थान में हमारा वोट प्रतिशत 2018 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले बढ़ा है। हमारे कई उम्मीदवार बेहद कम अंतर से चुनाव हारे हैं। अब लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट रहे हैं। जहां जो कमियां है, उनको दूर कर लोकसभा चुनाव लड़ा जाएगा। रंधावा ने कहा कि सरकार होने के बावजूद लंबे समय बाद कांग्रेस अच्छी सीटें हासिल कर सकी है। बदलाव तब होता है, जब हमारा प्रदर्शन पहले से खराब होता। जवाबदेही के सवाल को रंधावा टाल गए।

कम अंतर का तलाश रहे कारण

जिन सीटों पर हार का अंतर 5 हजार से कम रहा है, उनके कारण तलाशने के लिए राज्य इकाई को कहा गया है। ऐसी सीटों पर नई सिरे से चुनाव की रणनीति बनाने पर जोर दिया गया है। वहीं कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश इकाइयों में बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके संकेत प्रभारी रंधावा ने भी दिए हैं। हालांकि नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी किसी सक्रिय नेता को दिए जाने पर चर्चा चल रही है।

कम अंतर से हारी सीटों की वजह से नहीं बना सके सरकार

बैठक में प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत अन्य नेताओं ने नतीजों की विस्तृत जानकारी रखी। उन्होंने कहा कि करीब आधा दर्जन से अधिक सीटों पर कांग्रेस एक हजार से कम अंतर से हारी है। वहीं करीब 20 सीटों पर 5 हजार के अंतर से हारी है। इसके चलते कांग्रेस राजस्थान में सरकार नहीं बना सकी है। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बैठक में सभी नेताओं को मुस्तैदी से लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने का निर्देश दिया है। बैठक में संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल, निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र सिंह, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई, सीडब्ल्यूसी सदस्य सचिन पायलट, महेन्द्र जीत सिंह मालवीय, पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी, वरिष्ठ नेता सी.पी. जोशी, सह प्रभारी वीरेन्द्र सिंह राठौड़, अमृता धवन व काजी निजामुद्दीन समेत अन्य ने भाग लिया।

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