
Three-Digit VIP Number Scam in Rajasthan (Photo-AI)
Three-Digit VIP Number Scam in Rajasthan: जयपुर: राजस्थान परिवहन विभाग में वीआईपी नंबरों के आवंटन में हुए बड़े खेल ने अब सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। थ्री डिजिट (तीन अंकों) वाले वीआईपी नंबरों के फर्जीवाड़े की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सफेदपोशों के चेहरे बेनकाब हो रहे हैं।
विभाग की ताजा जांच में खुलासा हुआ है कि रसूख का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से नंबर हासिल करने वालों में पूर्व मंत्री, वर्तमान व पूर्व विधायक और कई दिग्गज नेता शामिल हैं।
परिवहन विभाग द्वारा तैयार की गई सूची में कई ऐसे नाम हैं, जो प्रदेश की राजनीति में बड़ा कद रखते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कई नेताओं के पास एक नहीं, बल्कि एक से अधिक ऐसी गाड़ियां हैं जिन पर थ्री-डिजिट वीआईपी नंबर लगे हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये नंबर तय प्रक्रिया और निर्धारित शुल्क को दरकिनार कर बैकडोर एंट्री के जरिए हासिल किए गए थे।
याद दिला दें कि राजस्थान पत्रिका ने पहले भी इस फर्जीवाड़े की ओर इशारा किया था, जब विभाग के सर्वर और मैन्युअल रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई थीं। उस समय यह केवल एक तकनीकी चूक लग रही थी, लेकिन अब यह एक सुनियोजित घोटाले के रूप में सामने आया है।
जांच में दोषी पाए जाने वाले वाहनों पर विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों के अनुसार, जिन वाहनों के नंबर फर्जी पाए गए हैं, उनकी आरसी निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
संबंधित नेताओं और रसूखदारों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। विभागीय स्तर पर उन कर्मचारियों की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर ये नंबर अलॉट किए।
नियमों के मुताबिक, थ्री-डिजिट या खास वीआईपी नंबरों के लिए भारी-भरकम राशि और ऑनलाइन ऑक्शन की प्रक्रिया होती है। लेकिन इस फर्जीवाड़े में पुरानी सीरीज के बचे हुए नंबरों को मिलीभगत कर सिस्टम में गलत तरीके से दर्ज किया गया।
Updated on:
02 Apr 2026 10:25 am
Published on:
02 Apr 2026 07:45 am
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