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किसानों का गांव बंद आंदोलन: राजधानी में खड़ा हो सकता है दूध का संकट,ट्रांसपोर्टर दूध भेजने से कर रहे इनकार

किसानों का गांव बंद आंदोलन: राजधानी में खड़ा हो सकता है दूध का संकट,ट्रांसपोर्टर दूध भेजने से कर रहे इनकार
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जयपुर

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Rajesh

Jun 02, 2018

farmers protest

जयपुर
देश के करीब सात राज्यों के लाखों किसानों ने 1 जून से 10 तक देशव्यापी गांव बंद आन्दोलन शुरू किया है। इनकी मांग है कि दूध का न्यूनतम मूल्य 27 रुपये लीटर,किसानों की क़र्ज़ माफ़ी और अनाज की सही कीमत उन्हें दी जाए। मध्यप्रदेश से इस आंदोलन का आगाज लगभग उसी वक्त हुआ है,जब पिछली साल जून में मंदसौर पुलिस की फायरिंग में छह किसानों की मौत हुई थी। इस आंदोलन में राष्ट्रीय किसान महासंघ के साथ 130 संगठन शामिल हैं।

गांव बंद आंदोलन का प्रदेश के कई हिस्सों में असर देखने को मिला है। प्रदेश में कई स्थानों पर किसानों ने सड़कों पर सब्जियों फेंक व दूध बहाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं शहरों में जाने वाले दूध व सब्जियों की आपूर्ति भी रोक दी। इसी के तहत सब्जी व दूध की आवक शहर में कम होने की संभावना है।
प्रदेश के जयपुर ,बारां, बीकानेर ,नागौर,सीकर,झुंझुनूं,हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला।

किसानों के आंदोलन को देखते हुए जयपुर डेयरी में दूध का संकलन प्रभावित हो सकता है। क्योंकि दूध के ट्रांसपोर्टर दूध भेजने से इनकार कर रहे है। BMC से दूध को संकलित करने से मना कर रहे है। गौरतलब है कि जयपुर डेयरी में करीब 150 टैंकरों से परिवहन कर दूध संकलित किया जाता है।


श्रीगंगानगर में दूसरे दिन भी किसानों ने शहर के प्रवेश रास्तों पर नाके लगाकर दूध और सब्जी को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया। नाकों पर भारी मात्रा में दूध और सब्जी को किसानों ने जब्त किया। ये सब्जी वृद्ध आश्रम, गुरुद्वारा, अनाथालय सहित अन्य उन स्थानों पर पहुंचाई। जहाँ खाने की निःशुल्क व्यवस्था की जाती है। नाकों पर बसों सहित अन्य वाहनों की जांच की गई इनमें घरेलू इस्तेमाल के लिए लाए जा रहे दूध सब्जी को नहीं रोका गया।

झुंझुनू में किसान बचाओं देश बचाओं संघर्ष समिति के द्वारा एक जून से दस जून तक गांव बंद के आह्वान का मण्ड्रेला कस्बे में पहले दिन शुक्रवार को झुंझुुनूं के लिए निजी बस के बंद के अलवा कोई असर नही दिखा। वही गांव तिगियास के किसानों ने बंद को सफल बनाने के लिए बंद का समर्थन किया है। सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि किसान बचाओं देश बचाओं संघर्ष समिति सहित अन्य किसान संगठनों ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने सहित किसानों को सिचाई के लिए मुफ्त बिजली,किसानों का सम्पूर्ण कर्जा माफ,आवारा पशुओं से निजात आदि प्रमुख राष्ट्रव्यापी मांगों के साथ बंद के आह्वान पर गांव तिगियास के ग्रामीण एक जून से दस जून तक गांव से दुंघ,सब्जी,अनाज आदि कोई भी वस्तु शहर में बेचने नही जाएगा।इस मौके पर दिनेश चौधरी,दुलीचंद पूनिया,अंतर सिंह पूनिया,ब्रहमपाल पूनिया आदि मौजूद थे।

टिब्बी किसानों के गांव बंद आंदोलन के तहत शनिवार को टिब्बी तहसील के गांव मेहरवाला में बशीर में किसानों ने शहरों में जा रही दूध व सब्जियों की सप्लाई को रोक दिया ।दर्जनों किसानों ने दोनों गांव के बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया तथा किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई । गांव मेहरवाला में वामपंथी संगठनों के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया वही बशीर में गौशाला प्रधान सहदेव खद्दा के नेतृत्व में किसानों ने अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।

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