
जयपुर
हाईकोर्ट ने राजस्थान गौरव यात्रा पर खर्च को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, राज्य सरकार, सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव व मुख्य अभियंता से जवाब के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद को याचिका को कॉपी देने के आदेश दिए हैं। अब सुनवाई 16 अगस्त को होगी। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग व न्यायाधीश जी आर मूलचंदानी की खण्डपीठ ने अधिवक्ता डॉ. विभूति भूषण शर्मा व सामाजिक कार्यकर्ता सवाई सिंह की जनहित याचिकाओं पर यह शुक्रवार को यह आदेश दिया जिसके बाद सियासी गलियारों में खलबली मच गई है।
गौरव यात्रा में पूरी तरह राजनीतिक भाषण
डॉ. विभूति भूषण की ओर से अधिवक्ता माधव मित्र ने कोर्ट को बताया कि गौरव यात्रा सरकारी खर्च पर निकाली जा रही है। इस पर अब की खर्च राशि भाजपा से वसूल की जाए। सवाई सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जी एस बापना व अधिवक्ता सिद्धार्थ बापना ने कहा कि गौरव यात्रा में पूरी तरह राजनीतिक भाषण दिए जा रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुका है कि सरकारी धन केवल योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर ही खर्च किया जा सकता है। सरकारी धन का राजनीतिक उपयोग संविधान के अनुच्छेद 14 व 21 के विपरीत है। सरकारी धन की बर्बादी रोकने के लिए एक अगस्त व तीन अगस्त को सरकारी तैयारियों के लिए जारी आदेशों को रद्द किया जाए और खर्च राशि भाजपा वहन करे।
गौरतलब है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अगुवाई में राजस्थान गौरव यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा के तहत सीएम अलग अलग जगहों पर जनसभाऐं कर रही हैं। जिसमें सीएम सहित सत्ताधारी पार्टी के नेता सरकार का और बीजेपी पार्टी का बखान कर रहे हैं। सरकार और बीजेपी की इस यात्रा का कांग्रेस पार्टी लगातार विरोध कर रही है। कांग्रेसी नेताओं का इस मामले में कहना है सरकार इस यात्रा के बूते बीजेपी पार्टी का प्रचार प्रसार और सरकारी धन का दुरूपयोग कर रही हैै।
Published on:
11 Aug 2018 05:13 am
