
Before the election, district congress in the conflict
पन्ना. आगामी विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। सीएम के जन आशीर्वाद यात्रा के बाद से जिले में कोई न काई राजनीतिक घटनाक्रम रोज सामने आ रहा है। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षयों की जारी नवीन सूची को लेकर कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई। नव घोषित ब्लॉक अध्यक्षयों के विरोध में देवेंद्रनगर और गुनौर ब्लॉक के कांग्रेस कार्यकर्ता मुखर हो गए और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को संबोधित ज्ञापन जिला अध्यक्ष को सौंपकर मामले में निराकरण नहीं होने से सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की पेशकश की। मामले की जानकारी लगते ही पन्ना ने लेकर भेापाल तक खलबली मच गई। जिलाध्यक्ष द्वारा प्रदेश प्रभारी बाबरिया और सह प्रभारी सुधांशु द्विवेदी को तुरंत पूरे मामले से अवगत कराया गया। असंतुष्टों से ज्ञापन लेकर जिलाध्यक्ष ने वरिष्ठ नेताओं ने चर्चा कर मामले में आगामी दो-तीन दिनों में संतोषजनक निराकरण कराने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस की ओर से हाल में ही ब्लॉक अध्यक्षयों के नाम की सूची जारी की गई है। जिसमें जिले के गुनौर ब्लॉक में ब्लॉक अध्यक्ष जयनरेश द्विवेदी व देवेंद्रनगर उप ब्लॉक अध्यक्ष आनंद शुक्ला को बनाया गया गया। बताया गया कि उक्त दोनों नाम को लेकर कंाग्रेस के जमीन से जुड़े नेताओं ने बगावत कर दी है। उक्त सूची के विरोध में करीब एक सैकड़ा ब्लॉक, मंडलम और सेक्टर स्तर के लोग विरोध-प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार की दोपहर जिला मु यालय पहुंचे। वे सभी उक्त मनोनयन के विरोध में जिलाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर विरोध-प्रदर्शन किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसे उनका सामूहिक इस्तीफा भी माना जाए।
चुनाव लड़ें कि कुनबे को सहेजें
विस चुनाव की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। कांग्रेस, भाजपा और जिला प्रशासन सभी इलेक्शन मोड में हैं। चुनाव की तैयारियों को लेकर जिले में कांग्रेस फिलहाल भाजपा ने पीछे ही चल रही है। ऐसे हाल में चुनाव के ठीक पहले इस तरह से बगावत का होना कांग्रेस को आगामी चुनाव में भारी पड़ सकता है। जिले में जिस तरह से सीएम की जन आशीर्वाद यात्रा आई थी उसके जवाब में कांग्रेस की पोलखोज जनजागरण यात्रा का बिलकुल प्रभाव नहीं दि ाा। कांग्रेस जनता के सामने जन आशीर्वाद यात्रा का जवाब पेश नहीं कर पाई। इसका दबाव कांग्रेस नेता झेल ही रहे हैं कि अब अब चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रसे के लिये यह नई मुशीबत आ गई है। जिले के प्रभावी कांग्रेस नेताओं का भी मानना है कि १५ साल से सत्ता से बाहर रहने के बाद भी कांग्रेस अभी भी एकजुट नहीं हो पा रही है। नेताओं का व्यक्तिगत स्वार्थ और अहम उनकी एक जुटता में बड़ा रोड़ा बना हुआ है। ऐसे हालात में कांग्रेस के लिये यह चुनौती है कि वह चुनाव लडऩे की तैयारी करे य फिर कुनबे को सहेजने में अपनी एनर्जी लगाए।
प्रदेश प्रभारी बाबारिया को दी जानकारी
जिले में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षें को लेकर शुरू हुई बगावत और यहां के हालातों को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिव्यारानी सिंह द्वारा पूरी जानकारी कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया को दी है। जिन्होंने पूरे मामले में प्रदेश सह प्रभारी व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सधांशु द्विवेदी को पूरे मामले से अवगत कराने की बात कही। मामले की जानकारी लगने के बाद जिले के प्रभारी पर्यवेक्षक दिलीप शर्मा सहित जिले के आला कंग्रेस नेता भी असंतुष्टों से चर्चा करके दो-तीन दिन के अंदर पूरे मामले को निपटाने की बात करते रहे। पूरे मामले को लेकर दिनभर जिला मु यालय में खासी गहमा-गहमी रही। बताया जाता है कि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कमलनाथ द्वारा बीते दिनों ब्लॉक अध्यक्षयों के बदलाव को लेकर जिलाध्यक्षयों ने नाम मांगे गए थे। जिसके तहत जिलाध्यक्ष दिव्यारानी सिंह द्वारा भी प्रस्तावित नामों की सूची दी गई थी। सूत्र बताते हैं कि जिलाध्यक्ष द्वारा नामों की सूची सौंपे जाने के बाद भी उनके द्वारा दिए गए नामों में विचार किए बगैर सूजी जारी कर दी गई है। इसके कारण जिले के गुनौर और देवेंद्रनगर ब्लॉक इकाई में बगावत के सुर मुखर हो गए हैं।
Published on:
10 Aug 2018, 9:44 PM IST
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