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Russia Ukraine War की ‘ज्वलंत’ समस्या के बीच सरकार को मिला 4 दिन का ब्रेक, ‘अति गंभीर’ मसले पर 2 मार्च को आएगा जवाब

- रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच फंसे राजस्थानियों का मसला, सरकार को जवाब देने के लिए मिला 4 दिन का वक्त, 'ब्रेक' के बाद सरकार बताएगी क्या किए प्रयास? विधानसभा में मुद्दा तो उठा, पर स्पीकर ने दे दी व्यवस्था, करीब 450 राजस्थानी फंसे हुए हैं यूक्रेन में, सोशल मीडिया के ज़रिये लोग लगा रहे बचाने की गुहार  

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Rajasthan Gehlot Government Reply on Russia Ukraine War on 2 March

जयपुर।

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध के बाद से अंतर्राष्ट्रीय मंच पर 'हाहाकार' मचा हुआ है। दोनों देशों के बीच टकराव रोकने और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। इस बीच राजस्थान के करीब 450 छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की पुष्टि हुई है। इनमें विभिन्न कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र, व्यवसाई और अन्य पेशेवर लोग शामिल हैं। ये सभी विभिन्न माध्यमों से केंद्र के साथ ही राज्य सरकार से सुरक्षित बाहर निकाले जाने की गुहार कर रहे हैं।

इधर, गहलोत सरकार को इस गंभीर विषय पर विधानसभा में जवाब देने के लिए चार दिन का वक्त मिल गया है। दरअसल, आज से लगे चार दिन के अवकाश होने के चलते इस 'अति गंभीर' मसले पर सरकार अब 2 मार्च को अपना जवाब पेश करेगी।

ताज़ा स्थितियों से करवाया जाएगा अवगत
विधानसभा स्पीकर डॉ सीपी जोशी की ओर से की गई व्यवस्था के अनुसार गहलोत सरकार यूक्रेन में फंसे राजस्थानियों के सन्दर्भ में दो मार्च को अपना जवाब देगी। इस दौरान तब तक की ताज़ा स्थितियों से सदन को अवगत करवाया जाएगा। सरकार अपनी ओर से दिए जाने वाले ब्यौरे में इस गंभीर विषय से जुड़े तमाम पहलुओं के बारे में जानकारी दे सकती है। जैसे राजस्थान के कितने लोग यूक्रेन में प्रवास करते हैं, युद्ध के बाद कितने लोगों के फंसे होने की जानकारी सरकार को मिली, उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने के लिए क्या प्रयास किये गए या किये जा रहे हैं, फंसे हुए कितने लोग वापस लौट आये हैं और अब भी कितने फंसे हुए हैं?

दो विधायकों ने उठाया था मुद्दा
रूस से युद्ध के बाद यूक्रेन में फंसे राजस्थानियों का विषय शुक्रवार को विधानसभा में भी उठा। भाजपा विधायक पुष्पेंद्र और बिहारी लाल ने इस मसले को अलग-अलग उठाते हुए राज्य सरकार की ओर से किये गए प्रयासों के बारे में जानना चाहा। हालांकि इसपर स्पीकर डॉ सीपी जोशी ने हस्तक्षेप करते हुए इस विषय पर सरकार के जवाब के लिए 2 मार्च की व्यवस्था दे दी।

राजस्थानी लगा रहे बचाने की गुहार
युद्ध प्रभावित देशों में फंसे राजस्थानी फिलहाल केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों पर टकटकी लगाए देख रहे हैं। वे सुरक्षित वतन लौटने को लेकर सोशल मीडिया के ज़रिये अपील कर रहे हैं। राजस्थान के कई छात्रों ने वीडियो सन्देश भेजकर राज्य सरकार से उन्हें सुरक्षित निकालने की गुहार लगाई है।

चार दिन का मिला है 'ब्रेक'
रूस-यूक्रेन युद्द के बाद वहां फंसे राजस्थानियों की ओर से सुरक्षित बाहर निकालने की अपील के बीच राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही में चार दिन का ब्रेक लग गया है। कार्य सलाहकार समिति की ओर से तय आगामी कार्यक्रम के अनुसार 26, 27, 28 फरवरी और 1 मार्च को सदन की बैठक नहीं होगी। चार दिन के अवकाश के बाद 2 मार्च को बजट पर भी बहस होगी और 3 मार्च को बजट पर बहस का अंतिम दिन रहेगा, जिसमें पहले नेता प्रतिपक्ष और उसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बजट पर अपना जवाब देंगे।

... इधर सरकार कर रही ये प्रयास
राज्य सरकार की ओर से यूक्रेन में फंसे 450 राजस्थानियों की सूची विदेश मंत्रालय को सौंपी गई है। वहीं राजस्थानियों से संवाद स्थापित करने के लिए राजस्थान फाउंडेशन ने एक अलग से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। फाउंडेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव ने बताया कि यूक्रेन में फंसे राजस्थानियों को सड़क मार्ग से हंगरी, स्लोवाक, रोमानिया और पोलैंड पहुंचाकर वापस यहां लाने के प्रयास किये जा रहे हैं।