
Sonography Facility Big Decision : अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने एक समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया।
Sonography Facility Big Decision : राजस्थान के राजकीय चिकित्सालयों में सोनोग्राफी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके लिए सितम्बर-अक्टूबर माह में PCPNDT का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 146 चिकित्सकों को जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सैटेलाइट हॉस्पिटल, एफआरयू एवं आदर्श सीएचसी पर प्राथमिकता के साथ पदस्थापित किया जाएगा। साथ ही, ऐसे चिकित्सालय जहां सोनोग्राफी मशीन नहीं हैं, वहां पदस्थापित चिकित्सकों को स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय गुरुवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह की अध्यक्षता में सोनोग्राफी मशीनों की उपलब्धता एवं संचालन के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में लिए गए। शुभ्रा सिंह ने निर्देश दिए कि प्रदेश के राजकीय अस्पतालों में सोनोग्राफी जांच सुविधा को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सकों का पदस्थापन प्राथमिकता एवं आवश्यकता के अनुसार किया जाए।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि रेडियो डायग्नोसिस कोर्स करने वाले स्नात्कोत्तर छात्रों को बॉण्ड के तहत राजस्थान में कार्य करना होता है। ये छात्र सहायक प्रोफेसरशिप व सीनियर रेजीडेंसी में चले जाते हैं। इनमें से कुछ चिकित्सकों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन जिला एवं उप जिला अस्पतालों में पदस्थापित किया जा सकता है, ताकि क्वालिटी सर्विस मिल सके।
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इस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मिशन निदेशक, एनएचएम, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त एवं निदेशक जनस्वास्थ्य की तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पीसीपीएनडीटी कोर्स की परीक्षा समय पर कराने तथा प्रशिक्षण केंद्रों की गुणवत्ता बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
शुभ्रा सिंह ने अतिरिक्त मानव संसाधन की उपलब्धता के लिए नियमानुसार अन्य विषय विशेषज्ञों को अधिक से अधिक पंजीकृत किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सोनोग्राफी जांच की सुविधा को मजबूत करते हुए बेहतर मातृ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं। बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर एवं राज्य नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना उपस्थित थे।
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Updated on:
14 Jun 2024 02:08 pm
Published on:
14 Jun 2024 02:08 pm
