
जयपुर। प्रदेश में भीषण गर्मी और मौसमी बीमारियों सहित अन्य जनहित से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सरकारी तंत्र में हलचलें बढ़ी हुई हैं। खासतौर से बिजली और पानी से जुड़े महकमों में अचानक अत्यधिक लोड पड़ने से यहां के कार्मिकों से लेकर अफसरों तक की छुट्टियां रद्द हैं और सभी अलर्ट मोड पर दिख रहे हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित ज़िलों में भेजे गए प्रभारी सचिव भी अब अपने-अपने प्रभार वाले दो दिन का कैंप करके वापस लौट आए हैं। अब वे अपनी फीडबैक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को जयपुर में आला अफसरों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। शासन सचिवालय में सुबह 11 बजे बुलाई गई इस बैठक में मुख्यमंत्री प्रभारी सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश भर में जनहित से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
प्रशासनिक सुधार विभाग के संयुक्त शासन सचिव अरुण प्रकाश शर्मा के अनुसार प्रभारी सचिवों और अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा में मुख्यमंत्री, ई-फाइलिंग, संपर्क पोर्टल, जल संरक्षण के कार्य, वृक्षारोपण और पानी बिजली व स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को लेकर संबंध करेंगे।
बैठक में सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव एवं समस्त जिला प्रभारी सचिव उपस्थित रहेंगे। जबकि सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर और ऊर्जा, जल, चिकित्सा व ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज आदि विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुडेंगे।
प्रदेश में जिला प्रभारी सचिवों ने बुधवार को दूसरे दिन भी अपने-अपने जिले में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिला प्रभारियों ने जिलों में पेयजल की व्यवस्था, बिजली आपूर्ति की व्यवस्था, हीटवेव एवं मौसमी बीमारियों, गौशाला एवं पशु-पक्षियों, विभागों के ई-फाईल डिस्पोजल समय, लंबित भू-हस्तांतरण, रात्रि चौपाल आयोजन, अवैध खनन, ड्रग्स, महिला अपराध की स्थिति, खाद्य पदार्थों में मिलावट, वर्षा जल संचयन एवं पौधारोपण की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
Published on:
30 May 2024 12:01 pm
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