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राजस्थान सरकार की सख्ती, अब कॉलोनियों में 500 वर्गमीटर से छोटे भूखंड पर नहीं बन सकेंगे फ्लैट्स

Rajasthan Government Strictness : राजस्थान में बिल्डिंग बायलॉज का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। अब कॉलोनियों में 500 वर्गमीटर से कम भूखंड पर फ्लैट्स नहीं बन सकेंगे। हाईराइज बिल्डिंग की ऊंचाई अब 18 से 15 मीटर प्रस्तावित है।
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जयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 30 Jun 2024, 3:21 PM IST

CM Bhajan Lal

Rajasthan Government Strictness : राजस्थान के शहरों की आवासीय योजनाओं, कॉलोनियों में छोटे भूखंड पर न तो ज्यादा ऊंची इमारत का निर्माण हो सकेगा और न ही बिल्डर ज्यादा फ्लैट बना सकेंगे। आवासीय योजनाओं में हाईराइज बिल्डिंग की परिभाषा भी बदलेगी। इसमें अब 15 मीटर से ऊंची इमारत हाईराइज मानी जाएगी। स्टिल्ट पार्किंग की गणना भी इमारत की ऊंचाई में की जाएगी। ऐसे में ज्यादा ऊंची इमारत नहीं बन पाएगी। वहीं, 500 वर्गमीटर से छोटे भूखंडों पर अब बहुनिवास इकाई (फ्लैट का ही रूप) नहीं बनेंगे।

बिल्डिंग बायलॉज का ड्राफ्ट जारी, जनता से मांगे आपत्ति-सुझाव

पांच सौ से ज्यादा व 750 वर्गमीटर क्षेत्र के भूखंडों पर भी केवल आठ इकाई ही बना सकेंगे। आवासीय योजनाओं में स्थानीय लोगों की सुविधाएं बंटने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने नए बिल्डिंग बायलॉज में ऐसे ही बड़े प्रावधान प्रस्तावित किए हैं। नगरीय विकास विभाग ने नए मॉडल बिल्डिंग बायलॉज का ड्राफ्ट शनिवार को जारी कर दिया। इस पर जनता से आपत्ति-सुझाव मांगे गए हैं। बायलॉज में फ्लैट और बहुनिवासी इकाइयों को अलग परिभाषित किया गया है, लेकिन विषय विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों में लगभग समानता है, बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। पत्रिका कॉलोनियों में लोगों की सुविधाएं बंटने से जुड़ी खबरें प्रमुखता से प्रकाशित करता रहा है।

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जनता की इस परेशानी को खत्म करने की तरफ कदम

जो कॉलोनियां अनुमोदित की गई हैं, उनमें भूखण्ड और संभावित लोगों की संख्या के आधार पर ही पेयजल, सीवर, ड्रेनेज, बिजली, सड़क सहित अन्य सुविधाएं हैं। इन्हीं सीमित संसाधनों के बीच ज्यादा ऊंची इमारतों के निर्माण से लोगों की सुविधाएं बंटती रही हैं।

नए नियम से इस तरह घटेगी बिल्डिंग की ऊंचाई

नए बायलॉज लागू होने के बाद कॉलोनियों में छोटे भूखंडों पर 15 मीटर से ज्यादा ऊंची बिल्डिंग नहीं बन सकेगी। अभी स्टिल्ट पार्किंग को इमारत की ऊंचाई में नहीं गिना जा रहा। इसलिए बिल्डर स्टिल्ट पार्किंग सहित इमारत की ऊंचाई 18 मीटर तक बना रहे थे। हालांकि पन्द्रह मीटर से कम ऊंचे भवन में स्टिल्ट पार्किंग अलग से बनाई जा सकेगी।

हरियाली, पार्किंग, अग्निशमन पर भी ध्यान

फायर ब्रिगेड के लिए जगह

15 मीटर से ऊंची बहुमंजिला इमारतों में फायर ब्रिगेड वाहन के लिए 6 मीटर का गलियारा छोड़ना होगा। अभी 3.6 मीटर की ही अनिवार्यता, जिससे वाहन को घुमाने में दिक्कत आती है।

ग्रीन बिल्डिंग निर्माण अनिवार्य

शहरों में 2500 वर्गमीटर से ज्यादा क्षेत्रफल के भूखंड पर ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण अनिवार्य किया जा रहा है। अभी तक केवल इंसेंटिव देने का प्रावधान था।

ज्यादा हरित क्षेत्र दरकार

पर्यावरण संरक्षण के लिए भूखंड पर प्रस्तावित बीएआर के अनुपात में हरियाली का हिस्सा छोड़ना होगा।

हर इकाई के लिए कार पार्किंग

ग्रुप हाउसिंग, बहुआवासीय इकाइयों में अब हर इकाई के लिए एक कार पार्किंग के लिए जगह छोड़नी ही होगी। भले ही एरिया निर्धारित क्षेत्रफल से कम क्यों न हो।

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