21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan में शुरू होने वाली चुनावी सरगर्मियों से पहले गहलोत सरकार की खास तैयारी

अगले साल राज्य में शुरू होने वाली चुनावी सरगर्मियों से पहले राजस्थान सरकार अब बीते कई महीनों से खाली पड़े अपने विमानन बेड़े में किराए का हेलिकॉप्टर शामिल करने की तैयारी में है।

2 min read
Google source verification
ashok_gehlot_in_choper_2.jpg

File Photo

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। अगले साल राज्य में शुरू होने वाली चुनावी सरगर्मियों से पहले राजस्थान सरकार अब बीते कई महीनों से खाली पड़े अपने विमानन बेड़े में किराए का हेलिकॉप्टर शामिल करने की तैयारी में है। वीवीआइपी यात्राओं के लिए बार-बार के झंझट से मुक्ति के लिए सरकार ने इस बार 10 माह की लंबी अवधि के लिए सेवा प्रदाता कंपनियों से निविदा मांगी है।

यानि अगले एक-डेढ़ माह में निविदा प्रक्रिया पूरी होने पर हेलिकॉप्टर आता है तो वह अगले वर्ष तक विमानन बेड़े में रहेगा। पिछले कुछ वर्षों में नया विमान और हेलिकॉप्टर खरीद के कई सारे प्रयास नाकाम होने के बाद आखिरकार सरकार ने यह निर्णय किया है। सरकार 5 से 8 सीटर, ट्विन इंजन इस हेलिकॉप्टर को वीवीआइपी यात्राओं के लिए हर माह कम से कम 35 घंटे उड़ाने का वादा कर रही है। दस माह की अवधि में इससे ज्यादा घंटों की उड़ान होने पर अतिरिक्त समय के लिए सेवा प्रदाता को निर्धारित दरों पर भुगतान किया जाएगा।

राहत-बचाव में भी आएगा काम
निविदा शर्तों में सरकार ने कहा है कि किराए का हेलिकॉप्टर वीवीआइपी यात्राओं के साथ ही कानून व्यवस्था नियंत्रण और राहत एवं बचाव कार्यों में भी काम लिया जा सकेगा। अभी नहीं एक भी विमान राजस्थान सरकार के बेड़े में भी फरवरी 2022 तक किंगएयर बी-200, किंगएयर सी-90 विमान और अगस्ता वेस्टलैंड 109 ई-पॉवर हेलिकॉप्टर थे। लेकिन इन सभी को वीवीआइपी मूवमेंट के लिए अनुपयोगी मान लिया गया। लंबे समय की मशक्कत के बाद सरकार ने इसी साल इन तीनों को बेच दिया। ऐसे में अब सरकार के बेड़े में एक भी विमान नहीं है। जानकारों की मानें तो राज्य में ऐसा पहली बार है कि पूरा नागरिक उड्डयन बेड़ा खाली पड़ा है।

यह भी पढ़ें: आप भी अपनी जमीन पर मोबाइल टावर लगवाना चाहते हैं ? जरूर पढ़ लें ये खबर

वर्षों से खरीद की कोशिशें नाकाम
नए विमान और हेलिकॉप्टर खरीद के लिए 2015 से सरकारी प्रयास चल रहे हैं। 2015, 2019 में दो बार नया विमान खरीद के लिए बजट भी मंजूर हुए। लेकिन बात नहीं बनी। 2020 में कोरोना की आर्थिक तंगी के चलते भी सरकार ने नए विमान की खरीद को ठंडे बस्ते में डाल दिया।