3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan News: केयसंस फार्मा की सिरप को जांच में क्लीन चिट, नहीं मिले घातक सॉल्वेंट

राजस्थान के सीकर और भरतपुर में खांसी की सिरप से बच्चों की मौत के आरोपों पर जांच में केयसन्स फार्मा को क्लीन चिट मिली है। सरकारी लैब रिपोर्ट में सिरप में कोई घातक रसायन नहीं पाया गया।

2 min read
Google source verification

फोटो: पत्रिका

Cough Syrup Death Update: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सीकर और भरतपुर में बच्चों की मौत डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन दवा से होने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निर्माता दवा कंपनी जयपुर के सरना डूंगर की केयसंस फार्मा को क्लीन चिट दे दी है। विभाग को शुक्रवार को यह जांच रिपोर्ट मिली।

सरकारी लैब से करवाई गई कंपनी की इस दवा की जांच में सामने आया है कि दवाओं के नमूनों में डायथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) या एथिलीन ग्लाइकोल (ईजी) जैसे घातक रसायन मौजूद नहीं हैं। ये दोनों रसायन किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।

वहीं औषधि आयुक्तालय ने राजस्थान में खांसी की दवा पीने से दो मौत के मामलों में यह स्पष्ट किया गया है कि जिन दो बच्चों की मौत का संदेह खांसी की दवा से जुड़ा था, उस दवा में भी हानिकारक प्रोपाइलीन ग्लाइकोल नहीं पाया गया। जो जो दूषित होने व डीईजी/ईजी का संभावित स्रोत हो सकता है। हालांकि यह दवा डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन आधारित पाई गई, जो बच्चों के लिए अनुशंसित नहीं है।

कंपनी की सभी दवाओं की होगी जांच

जानकारी के मुताबिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग दवा कंपनी कंपनी केयसंस की सभी दवाओं की जांच करवाएगा। जांच रिपोर्ट आने तक कंपनी की दवाइयां नि:शुल्क दवा योजना में काम में नहीं ली जाएगी। औषधि नियंत्रक राजाराम शर्मा ने बताया कि राजस्थान में कफ सिरप के सैंपल पहले भी अमानक तो हुए हैं। लेकिन ब्रेक ऑयल जैसे सॉल्वेंट नहीं मिले।

राज्य और केन्द्र ने जारी की एडवायजरी

  • 4 साल से कम उम्र के बच्चों को यह दवा बिल्कुल न दें, इससे बड़े बच्चों को भी देने से बचें
  • दवा लिखते समय चिकित्सक परिजनों को सुरक्षित खुराक और दुष्प्रभाव की जानकारी दें
  • फार्मासिस्ट, डॉक्टर की पर्ची के बिना यह दवा न दें
  • घर-घर सर्वे के दौरान आशा, एएनएम व स्वास्थ्य कार्यकर्ता बच्चों में खांसी-जुकाम-बुखार के लक्षण मिलने पर डॉक्टर से परामर्श की सलाह दें
  • पंजीकृत चिकित्सक की सलाह पर ही तय खुराक दवा दें
  • दवा की तय खुराक से ज्यादा कभी न दें
  • दवा को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखें
  • किसी भी समस्या पर परिजन तुरंत जिला कंट्रोल रूम और 0141-2225604 नंबर पर सूचना दें