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गहलोत सरकार का बड़ा फैसला- नि:शुल्क पढ़ेगी बालिकाएं, नहीं देनी होगी कोई भी फीस

विकास शुल्क, लाइब्रेरी शुल्क सहित अन्य मदों के नाम पर फीस ली जा रही है। राज्य सरकार अन्य मदों की फीस को भी माफ करने की तैयारी कर रही है...
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जयपुर

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Dinesh Saini

Jan 18, 2019

girl students

जयपुर।

जुलाई माह से शुरू होने वाले सत्र से सरकारी शैक्षिक संस्थानों में लड़कियों को किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। राज्य सरकार अगले सत्र से बालिका नि:शुल्क शिक्षा लागू करने जा रही है।

गौरतलब है कि वर्तमान में भी सरकारी शैक्षिक संस्थानों में लड़कियों के लिए शिक्षण शुल्क माफ है। लेकिन विकास शुल्क, लाइब्रेरी शुल्क सहित अन्य मदों के नाम पर फीस ली जा रही है। राज्य सरकार अन्य मदों की फीस को भी माफ करने की तैयारी कर रही है।

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि नि:शुल्क शिक्षा की शुरुआत सरकारी कॉलेजों से की जाएगी। पहले चरण में प्रदेश के 252 सरकारी कॉलेजों में बेटियों के लिए शिक्षा नि:शुल्क कर रहे हैं। इसका प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इसके बाद अगले चरण में विश्वविद्यालयों में भी इसे लागू किया जाएगा।

9वीं के बाद लिया जाता है विकास शुल्क
प्रदेश में आठवीं कक्षा तक बालिकाओं को नि:शुल्क शिक्षा मिल रही है। लेकिन 9वीं कक्षा में पहुंचते ही उनसे शिक्षण शुल्क को छोडकऱ विकास शुल्क, साइकिल स्टैंड शुल्क आदि के रूप में फीस ली जाती है।

उच्च शिक्षा में विद्यार्थी
कुल - 1936204
छात्रा -881693
छात्र- 1054511
सरकारी कॉलेज -252
कुल विद्यार्थी- 4 लाख
छात्राएं- 1.25-1.50 लाख

बालिका नामांकन
11-14 वर्ष-16.15 लाख
14-16 वर्ष-12.22 लाख
(अक्सर 14 वर्ष की आयु के बाद ही बालिकाएं 9वीं कक्षा में पहुंचती हैं)