
जयपुर/कोटा। डेंगू, स्वाइन फ्लू और अन्य मौसमी बीमारियों के मसले पर चर्चा के लिए कोटा आए चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ दिनभर अपनी ही पार्टी के लोगों से घेरे जाते रहे। जनप्रतिनिधियों की बैठक में तल्ख अंदाज में लाड़पुरा विधायक भवानीसिंह राजावत ने सरकार की विफलता को उजागर किया और फिर बैठक का बहिष्कार करके चले गए। इधर, बैठक के बाद मंत्री ने बहिष्कार करने को गंभीर माना और कहा कि विधायक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज सभागार में हुई बैठक में सीएमएचओ डॉ. आरके लवानिया ने डेंगू से मृतकों की संख्या चार होना बताई। इस पर विधायक राजावत ने उन्हें टोक दिया और फिर कहा कि आपकी रिपोर्ट हमें पता है। अब हमारी रिपोर्ट लो। अधिकारियों ने विधानसभा में ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत की हमें जनता के सामने नीचा देखना पड़ा। कोटा में 100 से अधिक और हाड़ौती में 165 लोगों की मौतें हुई हैं, लेकिन अफसर गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं।
अफसर मौतों के साथ और मरने वालों के परिजन के साथ मजाक कर रहे हैं। चिकित्सा विभाग नकारा साबित हुआ है। अफसरों को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए कि क्या आप सच बोल रहे हैं। कोटा में तैनात चिकित्सा व स्वास्थ विभाग की टीमें पूरी तरह से असफल साबित हो रही हैं। बाहर से यहां टीमें भेजी जाना चाहिए ताकि लोगों को बचाया जा सके। बैठक में प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी भी मौजूद थे। कलेक्टर रोहित गुप्ता बैठक में नहीं थे, इस पर विधायक राजावत ने नाराजगी जाहिर की।
मैं मंत्री होता तो ऐसे हालात नहीं होते
राजावत ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा कि मैं चिकित्सा मंत्री होता तो ऐसे हालात कभी पैदा नहीं होने देता। उन्होंने कहा कि सोते हुए तो अब मंत्रीजी जागे हैं तो कोटा आए हैं। अभी भी हालात संभाल लें तो बेहतर रहे। उन्होंने स्वीकार किया कि इन हालातों के लिए विधायक भी जिम्मेदार हैं।
कोटा पर कलंक : आजादी के बाद पहली बार हुई इतनी मौतें
- इस दौर में कई घरों में मातम छा गया, कई मांओं की कोख सुनी हो गई, कई महिलाओं के सिंदूर उजड़ गए।
- जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वे आधे अधूरे है, मीडिया जो रिपोर्ट कर रहा है, वे भी कम ही हैं।
- गांवों में तो कई गरीब बगैर इलाज के ही मर रहे हैं।
- जितनी मौतें कोटा व हाड़ौती में हुई हैं, उतनी तो आजादी के बाद आज तक किसी भी आपदा में नहीं हुईं।
- अस्पतालों में बेड नहीं है, लोग घरों पर इलाज करवा रहे हैं। सरकारी संवेदना मर चुकी है।
- निजी अस्पताल में भामाशाह कार्ड नहीं चल रहा है, गरीब लोग मारे जा रहे हैं।
इन मौतों के बारे में सरकार जिम्मेदार है। सरकार ने अब तक कोई ठोस प्रयास नहीं किए हैं।
- संदीप शर्मा, विधायक, कोटा दक्षिण
ग्रामीण इलाकों में चिकित्सक गायब हैं। लोग मर रहे हैं और सब तरफ नेताओं को अपशब्द सुनना पड़ रहे हैं।
- चंद्रकांता मेघवाल, विधायक, रामगंजमंडी
डेंगू से इतनी मौतें हो चुकी है, लेकिन प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों को बुलाकर चर्चा करना तक उचित नहीं समझा।
- विद्याशंकर नंदवाना, विधायक, पीपल्दा
ग्रामीण इलाकों में चिकित्सक पर्याप्त नहीं है। लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। व्यवस्था सुधारने पर ध्यान दिया जाए।
- हीरालाल नागर, विधायक, सांगोद
मंत्री सर्राफ ने कर दी गई घोषणाएं
'आखिर लोग क्यों मर रहे हैं जानने के लिए कमेटी बनाई
- ऑल इंडिया मापदण्ड के अनुसार एलाइजा पॉजीटिव को ही डेंगू माना जाता है। इस कारण कोटा में अब तक चार मौतें हुई है। - अन्य मौतों के मामले में जांच कर हमें बताएंगी।
- निगमायुक्त डॉ. विक्रम जिंदल की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय मेडिकल कॉलेज की जांच कमेटी मौत का कारण बताएगी।
- सारे चिकित्सक के डेपुटेशन रद्द और छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं।
- पोस्टिंग स्थल पर डॉक्टर रात्रि को भी रहेंगे।
- मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ब्लड कम्पोनेट सेपरेटर खरीदे जाएंगे।
- दस दिन में मशीनें खरीदी जाएं। इससे एसडीपी की सुविधा मिलेगी।
- नर्सिंग कॉलेज स्टूडेंट्स, एनसीसी व एनएसएस के स्टूडेंट एंटी लार्वा टीम में शामिल रहेंगे।
- हर वार्ड में पांच-पांच नर्सिंग व एनसीसी के स्टूडेंट्स की टीम बनाकर, डॉक्टर, टेक्निकल सर्वे करेंगे।
- न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 50 बेड, एमबीएस 30 अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराए जाएंगे।
- अगले दस दिन में न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 16 नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था करेंगे।
- प्रदेश में स्वाइन फ्लू की जांच 24 घंटे में होती थी, लेकिन सात घंटे में जांच की व्यवस्था की गई है।
- प्रदेश में 11 स्थानों पर स्वाइन फ्लू की जांच हो रही है। झालावाड़ में भी स्वाइन फ्लू की जांच शुरू कर दी है।
- कोटा जिले में 17 नए चिकि त्सक का नव पदस्वीकृत किया, उनमें से 7 चिकित्सक ने ज्वाइन कर लिया है।
- मेडिकल कॉलेज के अधीन अस्टिेडेंट प्रोफेसर 23 लगाए है, उन्होंने भी ज्वाइन कर लिया।
- कोटा में 19 फोगिंग मशीन थी। 8 अतिरिक्त फोगिंग मशीन दी गई है। निगम की ओर से अतिरिक्त मशीन लगाई जा रही है। - - यूआईटी चैयरमेन ने घोषणा की है कि वे पांच मशीन और मेडिकल डिपाटमेंट को उपलब्ध कराएंगे।
Published on:
03 Nov 2017 11:50 am
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