
जयपुर।
प्रदेश में जहां एक तरफ अत्यधिक बारिश से कुछ ज़िलों में बाढ़ के हालात बन रहे हैं, तो वहीं झमाझम बरसात से सामने आ रही अव्यवस्थाओं को लेकर सियासत भी गरमाई हुई है। सूबे के शहरों से लेकर गाँवों तक में आफत की बरसात से शासन-प्रशासन की तैयारियों की पोल खुलने पर भाजपा के नेता सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। साथ ही प्रभावित गाँवों के किसानों की सुध लेने और उन्हें तुरंत प्रभाव से आर्थिक सम्बल दिए जाने की मांग उठाने लगे हैं।
कुर्सी बचाने की जुगत में सरकार: डॉ पूनिया
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने 'मॉनसूनी आफत' पर सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार फिलहाल अपनी कुर्सी बचाने की जुगत में है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक बरसात से शहरों से लेकर गाँवों तक में सरकार का कुप्रबंधन नज़र आ रहा है, जिसका खामियाज़ा प्रदेशवासियों को उठाना पड़ रहा है।
डॉ पूनिया ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि शहरों में स्थानीय निकायों को और प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की टीमों को सक्रीय करें ताकि आमजन को राहत मुहैया हो सके।
राहत-बचाव कार्य में तेज़ी लाये सरकार: वसुंधरा
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी प्रदेश में लगातार हो रही बरसात और इससे बन रही विपरीत परिस्थितियों को लेकर चिंता ज़ाहिर की है। राजे ने गहलोत सरकार से अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी लाने और प्रभावित किसानों को नुक्सान का उचित मुआवज़ा तत्काल पहुंचाने की अपील की है।
राजे ने एक ट्वीट प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा, 'मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ समय तक प्रदेश में मौसम ऐसा ही बना रहेगा, जिससे भारी बारिश का अनुमान है। अतः आमजन को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन से अनुरोध है कि जहां बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, वहां राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए।'
अत्यधिक बारिश से जनजीवन हो रहा प्रभावित
प्रदेश के बारां, कोटा, करौली, टोंक, भीलवाड़ा, दौसा, सीकर, सवाई माधोपुर सहित विभिन्न जिलों में अतिवृष्टि के कारण जन-जीवन प्रभावित हो रहा है। जल बहाव के चलते कई जगह कच्चे मकानो के गिरने की, तो कई स्थानों पर खेतों में पानी भर जाने की ख़बरें आ रही हैं। अत्यधिक बरसात से फसलों को भी नुकसान हो रहा है।
Published on:
04 Aug 2021 12:22 pm
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