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राजस्थान में नगरपालिका चुनाव टालने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा: सरकार व निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब

पंचायत चुनाव के बाद अब हाईकोर्ट ने नगरपालिकाओं के चुनाव टालने पर भी राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा।

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rajasthan high court

जयपुर। पंचायत चुनाव के बाद अब हाईकोर्ट ने नगरपालिकाओं के चुनाव टालने पर भी राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के निर्देश पर अमानत राशि के रूप में 50 हजार रुपए जमा करवाए, जिसके बाद इस जनहित याचिका पर न्यायाधीश श्रीचंद्रशेखर व न्यायाधीश आनंद शर्मा की खंडपीठ ने मंगलवार को सुनवाई की।

यह जनहित याचिका पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने दायर की, जिस पर मंगलवार को हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव के जरिए राज्य सरकार, स्वायत्त शासन विभाग के सचिव व निदेशक, राज्य निर्वाचन आयोग व आयुक्त से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुनीत सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि 55 शहरी निकायों का कार्यकाल नवम्बर 2024 में पूरा होने के बावजूद राज्य सरकार ने चुनाव नहीं करवाए और इनमें प्रशासक लगा दिए।

याचिका में प्रशासक नियुक्ति को संविधान के अनुच्छेद 243 व नगरपालिका अधिनियम-2009 का खुला उल्लंघन बताया। साथ ही, कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्राकृतिक आपदा के अलावा अन्य परिस्थिति में पांच साल का कार्यकाल पूरा होने पर स्थानीय निकायों के चुनाव नहीं टाले जा सकते। याचिका में निकायों में प्रशासक लगाने की अधिसूचना रद्द कर संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार चुनाव करवाने का आग्रह किया।

उधर, महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि सरकार चुनाव कराने के लिए तैयार है और पूरा ब्यौरा कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की 6759 ग्राम पंचायतों में पूर्व सरपंचों को प्रशासक लगाने के खिलाफ दायर याचिका पर भी हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है।