
राजस्थान हाईकोर्ट (पत्रिका फाइल फोटो)
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने युवती के फोटो पर अभद्र टिप्पणी व स्टॉकिंग करने वाले युवक को 3 साल तक सोशल मीडिया से दूर कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की जमानत मंजूर करते हुए कहा कि वह 3 साल तक अपने या किसी अन्य नाम से सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करे। याचिकाकर्ता ने पीड़िता को किसी भी तरह नुकसान पहुंचाया तो तुरंत जमानत रद्द कर दी जाएगी।
न्यायाधीश अशोक कुमार जैन ने करौली जिले के हिण्डौन सिटी निवासी 19 वर्षीय युवक के जमानत प्रार्थना पत्र पर यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता पर 23 वर्षीय शाादीशुदा युवती की फोटो के साथ चाकू आदि हथियार जोड़कर शेयर करने का आरोप है। स्टॉकिंग के इस मामले में करौली जिले के हिण्डौन सिटी थाने में फरवरी 2025 में एफआइआर दर्ज की गई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गिरीश खंडेलवाल ने कहा कि मामला बहुत गंभीर नहीं है और याचिकाकर्ता युवा है। उसने जानबूझकर टिप्पणी नहीं की और जांच पूरी हो चुकी। याचिकाकर्ता के फरार होने का अंदेशा नहीं है, इसलिए राहत दी जाए। पीड़ित पक्ष व सरकार के अधिवक्ताओं ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वह पीड़िता को परेशान करेगा।
इस पर याचिकाकर्ता ने अंडरटेकिंग दी कि वह पीड़िता व परिजनों के फोटो-वीडियो शेयर नहीं करेगा। इसके अलावा वह सोशल मीडिया से दूर रहेगा। पीड़िता की ओर से याचिकाकर्ता पर धमकाने का आरोप लगाते हुए वैवाहिक जीवन प्रभावित करने के प्रयास किए जाने का अंदेशा जताया।
कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता क्लाउड सहित सभी जगह से पीड़िता व उसके परिजन के फोटो- वीडियो स्थाई तौर पर हटा दे। याचिकाकर्ता तीन साल तक सोशल मीडिया से दूर रहे और किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं हो। कोर्ट में आवश्यक होने पर उपस्थिति दे।
Updated on:
18 Sept 2025 05:20 pm
Published on:
18 Sept 2025 05:20 pm
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