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अमरीका में विलियम्स को जयपुर से किया डिजिटल अरेस्ट, 31 लाख 54 हजार ठगे, पुलिस की कार्रवाई पर FBI की मुहर

American Williams digitally arrested from Jaipur: जयपुर। कमिश्नरेट पुलिस की ओर से फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई को अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ) ने भी पूरी तरह जायज ठहराया है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के प्रयासों से अमरीका की FBI ने वहां पर ठगी का शिकार हुए नागरिकों को चिह्नित किया है।

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अमरीकी नागरिक को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी, पत्रिका फोटो
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अमरीकी नागरिक को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी, पत्रिका फोटो

American Williams digitally arrested from Jaipur: जयपुर। कमिश्नरेट पुलिस की ओर से फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई को अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ) ने भी पूरी तरह जायज ठहराया है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के प्रयासों से अमरीका की FBI ने वहां पर ठगी का शिकार हुए नागरिकों को चिह्नित किया है। एफबीआइ ने अमरीका के वर्जीनिया निवासी विलियम्स के बयान दर्ज कर भी भेजें हैं, जिससे पता चलता है कि जयपुर में फर्जी कॉल सेंटर से विलियम्स को कैसे डिजिटल अरेस्ट किया गया।

विलियम्स को डिजिटल अरेस्ट कर डराया गया और बचने के लिए 31 लाख 54 हजार 900 रुपए (35 हजार डॉलर) मांगे। डॉलर की गड्डी को एक पैकेट में पैक करवाया। फिर जयपुर कॉल सेंटर से सूचना मिलने पर अमरीका में मौजूद साथी ठग उक्त पैकेट ले गया। तब तक विलियम्स को कॉल पर डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इतना ही नहीं, ठगी से जुड़े ठोस डिजिटल और तकनीकी सबूत भी भारतीय जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए गए हैं।

जयपुर को बना रखा था अड्डा

जयपुर पुलिस ने नवम्बर 2025 में मालवीय नगर और प्रताप नगर थाना क्षेत्रों में संचालित हो रहे दो फर्जी कॉल सेंटरों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए 11 महिलाओं सहित कुल 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। यह गिरोह खुद को अमरीकी सुरक्षा एजेन्सियों का प्रतिनिधि बताकर अमरीका के नागरिकों से ऑनलाइन और फोन कॉल के जरिए ठगी कर रहा था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 57 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, कॉलिंग सिस्टम, सर्वर डेटा और बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद किए थे। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से विदेशी नागरिकों को तकनीकी समस्या, रिफंड या अकाउंट हैक होने का भय दिखाकर रकम ऐंठते थे। खास बात यह रही कि पुलिस की कार्रवाई के समय भारत में कोई प्रत्यक्ष पीड़ित सामने नहीं आया, लेकिन डिजिटल सबूतों के जरिए एफबीआइ से मदद मांगी गई और अमरीका में पीड़ितों की पहचान की गई।

एफबीआइ ने की जयपुर पुलिस की सराहना

एफबीआइ ने न केवल जयपुर पुलिस की कार्रवाई की सराहना की, बल्कि जांच में सक्रिय सहयोग भी दिया। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मुकदमे के दौरान अमरीकी नागरिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय अदालत में बयान दर्ज कराएंगे। इससे इस मामले को कानूनी मजबूती मिलने की संभावना बढ़ गई है।अब जयपुर कमिश्नरेट पुलिस आरोपियों के खिलाफ चालान पेश करने की तैयारी में जुट गई है। इससे फर्जी कॉल सेंटर वाले अब कानून से बच नहीं सकेंगे।

स्पेशल पुलिस कमिश्नर ये बोले

एफबीआइ से ठगी की शिकार वहां के नागरिक के बयान और सबूत मिले हैं। अब फर्जी कॉल सेंटर पर पकड़े गए ठगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई हो सकेगी। आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा।
राहुल प्रकाश, स्पेशल पुलिस कमिश्नर