
फाइल फोटो पत्रिका
Assistant Professor Recruitment Exam : राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग पर एक बार फिर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं के आयोजन से जुड़ी संस्थाएं बड़े कोचिंग संस्थानों का पैटर्न अपना रही हैं। इससे न केवल अभ्यर्थियों के बीच असमानता बढ़ी, बल्कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में व्यावसायीकरण भी बढ़ा है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं होने से कोचिंग संस्थानों को फायदा पहुंच रहा है। यह सब शिक्षा प्रणाली को बर्बाद और नष्ट करने के लिए पर्याप्त है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी कर 7 दिसंबर से होने वाली कॉलेज शिक्षा सहायक प्रोफेसर भर्ती परीक्षा पर रोक लगा दी।साथ ही कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग पाठ्यक्रम जारी करने के 30 दिन बाद परीक्षा का आयोजन कराए। कोर्ट ने कहा कि याचिकाओं को अंतिम निस्तारण के लिए 15 दिसंबर को दोपहर 2 बजे सुनवाई के लिए लगाया जाए।
न्यायाधीश अशोक कुमार जैन ने यदुराज सिंह फौजदार व अन्य की याचिकाओं पर बुधवार को यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान आरपीएससी सचिव रामनिवास मेहता भी हाजिर रहे। कोर्ट ने कहा कि याचिकाओं में उठाए गए मामले पर आरपीएससी चाहे तो अपना प्रत्युत्तर पेश करे और याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता उस पर 3 दिन के भीतर अपना पक्ष पेश करें।
इस परीक्षा के जरिए 575 पदों पर चयन किया जाना है और इसके लिए 94,000 आवेदन आए।
Updated on:
04 Dec 2025 07:24 am
Published on:
04 Dec 2025 07:24 am
