
Ranthambore Tiger Reserve
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने रणथंभौर नेशनल पार्क में बढ़ते अवैध निर्माण पर सख्त आदेश जारी किया है। उच्च न्यायालय ने वन विभाग को रणथंभौर वन क्षेत्र और बाघ विचरण क्षेत्रों में अवैध संपत्तियों और निर्माणों को जब्त करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने सवाई माधोपुर के जिला प्रशासन और पुलिस को वन अधिकारियों के साथ सहयोग करने और डीजीपी को मामले की निगरानी करने को कहा है।
मंगलवार को इस संबंध में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस समीर जैन की अदालत ने रणथंभौर में बाघों के महत्वपूर्ण विचरण क्षेत्रों में हो रहे निर्माण और अतिक्रमण पर चिंता जताई और संरक्षित क्षेत्रों में चल रहे अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमणों पर संबंधित विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सुनवाई में जस्टिस समीर जैन बल देते हुए कहा कि संरक्षित वन क्षेत्रों में निर्माण स्थानीय वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा पैदा करते हैं।
रणथम्भौर बाघ परियोजना में नए पर्यटन सत्र का आगाज मंगलवार को हुआ। सुबह साढ़े छह बजे रणथम्भौर बाघ परियोजना के सीसीएफ अनूप.के.आर ने पर्यटन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर गणेश धाम से पार्क में प्रवेश दिया। इस दौरान पर्यटकों को भी बाघ-बाघिनों ने निराश नहीं किया।
वन विभाग के अनुसार सुबह की पारी में पर्यटकों को जोन तीन में बाघिन रिद्धि और उसके तीन शावक नजर आए। इसी प्रकार जोन एक में पर्यटकों को उम्रदराज बाघिन नूर यानि टी-39 व उसकी बेटी नूरी यानि टी-105 के दीदार हुए। पहले दिन सुबह और शाम की पारी में कुल 1808 पर्यटक पार्क भ्रमण पर गए। इसमें 64 कैंटर में 1280 पर्यटक और 88 जिप्सियों में कुल 528 पर्यटकों ने पार्क भ्रमण किया।
Published on:
02 Oct 2024 07:04 pm
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