
शहर में मकान का सपना होगा सच, हाउसिंग बोर्ड शहर में बनाएगा एक लाख आशियाने, सस्ती दरों पर होंगे उपलब्ध
अश्विनी भदौरिया / जयपुर। राजस्थान आवासन मंडल के राज्यभर में करीब 22 हजार मकान अब तक बिक नहीं सके हैं। इनमें अधिकतर संख्या फ्लैट्स की है। मंडल ने एक लाख से अधिक नए फ्लैट्स और मकान बनाने की कवायद फिर शुरू कर दी है। मंडल ने सरकार से राज्य के आठ शहरों में जगह मांगी है। इन पर मंडल करीब एक लाख आवास बनाएगा। स्वतंत्र मकानों की मांग को देखते हुए बोर्ड जयपुर को छोड़ बाकी जगहों पर इसी कॉन्सेप्ट पर काम करने की योजना बना रहा है।
मंडल ने सरकार को 2012 में मेट्रो के लिए मानसरोवर में करीब 317 करोड़ रुपए की जमीन दी थी। उस समय सरकार ने इतनी ही कीमत की जमीन अन्य जगह देने की बात कही थी। मौजूदा सरकार के घोषणा पत्र में हाउसिंग बोर्ड को विकसित करने की बात को ध्यान में रख बोर्ड ने आठ शहरों में जगह मांगी है। जो जमीन है, उस पर एक लाख के आस-पास मकान और फ्लैट्स बनाए जा सकेंगे।
यहां मांगी है जमीन
-जयपुर में मंडल ने तीन हिस्सों में करीब 17.08 हैक्टेयर जमीन मांगी है। इनमें जेडीए की योजना अनूप विहार, अभिनव विहार, हरित विहार की करीब 1.05 लाख वर्ग मीटर, गोनेर में 6300 वर्ग मीटर और इंदिरा गांधी नगर सेक्टर सात में जगह शामिल है।
-उदयपुर के बल्लभनगर में 250 हैक्टेयर
-अजमेर के विजय नगर में 89 हैक्टेयर और नसीराबाद में 17.96 हैक्टेयर
-अलवर के उढीकर में 63.98 हैक्टेयर
-हिंडौन सिटी में 25.09 हैक्टेयर
-बूंदी में 700 हैक्टेयर
जल्द लोगों को होंगे आवंटन
आवासन मंडल ने कई साल से किस्त पर मकान देना बंद कर दिया। ऐसे में मकानों की बिक्री कम होती चली गई। साथ ही बाजार भाव से अधिक कीमत भी बड़ी वजह है। राजधानी में सबसे अधिक फ्लैट्स खाली पड़े हैं। यही स्थिति राज्य के अन्य शहरों में हैं। मंडल आयुक्त सुबीर कुमार का कहना है कि जो मकान बचे हुए हैं, उनको लेकर योजना बनाई जा रही है और इनको जल्द ही लोगों को दिए जाएंगे।
Published on:
25 Mar 2019 08:02 pm
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