
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने गुरुवार देर रात प्रशासनिक बेड़े में एक और बड़ी सर्जरी करते हुए 9 आईपीएस (IPS) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस पूरी लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला और चर्चा का केंद्र बना नाम है आईपीएस ज्येष्ठा मैत्रेयी का। दिलचस्प बात यह है कि ज्येष्ठा मैत्रेयी को महज 7 दिनों के भीतर ही दूसरी पोस्टिंग थमा दी गई है। सरकार ने उन्हें सवाई माधोपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले की कमान सौंपी है।
भजनलाल सरकार ने 13 मार्च को एक सूची जारी की थी, जिसमें ज्येष्ठा मैत्रेयी को भिवाड़ी से हटाकर बांसवाड़ा का एसपी लगाया गया था। लेकिन अभी उन्होंने वहां पूरी तरह कार्यभार संभाला ही था कि 19 मार्च (गुरुवार देर रात) एक और सूची आई। अब उन्हें बांसवाड़ा से बदलकर सवाई माधोपुर का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है। 9 अफसरों की इस नई लिस्ट में वे एकमात्र महिला अधिकारी हैं, जिन पर सरकार ने इतना बड़ा भरोसा जताया है।
मध्य प्रदेश के गुना जिले की रहने वाली ज्येष्ठा मैत्रेयी की कहानी किसी फिल्म की पटकथा से कम नहीं है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता गिरीश चंद्र आर्य बिजली बोर्ड में थे और माता मंजू आर्य प्राचार्या हैं।
इंजीनियरिंग से खाकी तक: बी.टेक के अंतिम वर्ष में ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और एमपीपीएससी (MPPSC) क्लियर कर डीएसपी बनीं।
पहले प्रयास में UPSC फतह: डीएसपी की नौकरी के साथ-साथ उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और 2017 में अपने पहले ही प्रयास में 156वीं रैंक के साथ आईपीएस बनीं। वे 2018 बैच की राजस्थान कैडर की अधिकारी हैं।
ज्येष्ठा मैत्रेयी तब पूरे देश की सुर्खियों में आई थीं जब वे भिवाड़ी की एसपी थीं। वहां उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है।
साहसिक फैसला: उन्होंने अपनी ही साइबर सेल के 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। आरोप था कि वे पुलिसकर्मी खुद अपनी ही एसपी (ज्येष्ठा मैत्रेयी) की लोकेशन ट्रेस कर रहे थे और उनकी जासूसी कर रहे थे। इस 'इंटरनल क्लीनिंग' के बाद वे अपराधियों के साथ-साथ भ्रष्ट तंत्र के लिए भी खौफ का पर्याय बन गईं।
सवाई माधोपुर जिला पर्यटन (रणथंभौर) और कानून-व्यवस्था के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। ज्येष्ठा मैत्रेयी से पहले वे सिरोही, कोटपूतली-बहरोड़ और जयपुर डीसीपी (क्राइम) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी योग्यता साबित कर चुकी हैं। अब सवाई माधोपुर में अवैध बजरी खनन और संगठित अपराधों पर लगाम कसना उनकी पहली प्राथमिकता हो सकती है।
गुरुवार रात जारी आदेशों में सरकार ने ज्येष्ठा मैत्रेयी के अलावा चूनाराम जाट (बाड़मेर), हनुमान मीणा (जयपुर ग्रामीण), पीयूष दीक्षित (एसीबी) और कावेंद्र सागर (झुंझुनूं) जैसे अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फेरबदल स्थानीय फीडबैक और प्रशासनिक मजबूती के उद्देश्य से किया गया है।
Published on:
20 Mar 2026 12:09 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
