16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आइपीएस मनीष अग्रवाल निलंबित, कोर्ट में पेशी के बाद भेजा जेल

रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आइपीएस अधिकारी मनीष अग्रवाल को शुक्रवार को एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। एसीबी ने आगे रिमांड पर नहीं मांगा और कोर्ट ने मनीष को 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।

less than 1 minute read
Google source verification
Rajasthan IPS Officer Manish Agarwal suspended

जयपुर। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आइपीएस अधिकारी मनीष अग्रवाल को शुक्रवार को एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। एसीबी ने आगे रिमांड पर नहीं मांगा और कोर्ट ने मनीष को 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। मनीष अग्रवाल की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई है। उधर, राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में प्राथमिक जांच में लिप्त पाए जाने पर आइपीएस मनीष अग्रवाल को 2 फरवरी से निलंबित कर दिया है।

सुनवाई के दौरान मनीष कोर्ट में सिर झुकाए एक तरफ खड़ा रहा। एसीबी की ओर से रिमांड पर नहीं मांगने पर उसके अधिवक्ता ने जमानत याचिका दायर कर कहा कि मनीष से कोई राशि बरामद नहीं हुई है। उसकी बातचीत का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, उसे फंसाया जा रहा है। उसके एक भी मामले में हस्तक्षेप का साक्ष्य नहीं है। अभियोजन की कहानी झूठी है। मनीष ने जांच एजेंसियों को हमेशा सहयोग किया है। उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। जमानत याचिका पर सुनवाई?अगले सप्ताह होने की संभावना है।

164 के बयान की कॉपी मांगी
मनीष अग्रवाल के अधिवक्ता ने एसीबी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया है। इसमें कहा कि 164 के बयान की प्रति कोर्ट या जांच अधिकारी के पास होती है। जांच अधिकारी ने ही बयानों की प्रति सार्वजनिक की है। उन्हें भी प्रमाणित प्रति मिलनी चाहिए। कोर्ट इस प्रार्थना पत्र पर शनिवार को सुनवाई करेगा।