
Rajasthan News : B-12 की कमी से बच्चों के व्यवहार में आ रहा बड़ा बदलाव, Parents हो जाएं सतर्क
Rajasthan News : खानपान में हो रहे बदलाव की वजह से कई बच्चे बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में युवाओं में होने वाली बीमारियां बच्चों में भी होने लगी है। जंक फूड से बच्चों को भरपूर डाइट नहीं मिल पा रही है। इसका दुष्प्रभाव यह है कि कम उम्र में ही बच्चों में विटामिन बी-12 की कमी पाई जा रही है। शहर के पीडिटिशियंस के पास लगातार इस प्रकार के कई मामले आ रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक इसका मुख्य कारण बच्चों का गलत खान-पान है। शहर में चिकित्सकों के पास इलाज को आने वाले 20 फीसदी बच्चों में विटामिन बी-12 की कमी पाई जा रही है। इस विटामिन की कमी से बच्चों के बर्ताव में काफी बदलाव आने लगता है। वे अत्यधिक गुस्सैल, चिड़चिड़े हो जाते हैं।
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मानसरोवर में रहने वाले 17 वर्षीय एक युवक ने बताया कि उनके हाथ और पैर में कई दिनों से काफी दर्द था। भूख भी कम लगती थी। जब जांच करवाई, तो विटामिन बी-12 की कमी आई। इस कारण वजन भी कम होने लगा और पेट संबंधी कई समस्याएं रहने लगी। फिलहाल डॉक्टर की सलाह पर इलाज चल रहा है।
हाल ही में हुए क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल पीडियाट्रिक्स के सर्वे के अनुसार 14 फीसदी प्री प्राइमरी स्कूल के बच्चे, 17 फीसदी सेकंडरी के बच्चे और 31 फीसदी हायर क्लास के बच्चों में विटामिन बी 12 की कमी पाई गई है, जिससे कई बच्चों में एनीमिया के लक्षण भी पाए गए हैं।
जेके लोन अस्पताल पूर्व अधीक्षक डॉ. अशोक गुप्ता ने कहा विटामिन बी-12 की कमी का असर बच्चों की न्यूरोलॉजिकल हेल्थ यानी ब्रेन पर पड़ता है। बच्चों में हमेशा थकान रहने और भूख कम लगने जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती है। इस विटामिन की कमी से बच्चे आक्रोशित होते हैं, और चिड़चिड़े रहते हैं। हाथ-पैरों में दर्द व सूजन रहती है। वे क्लास में ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते, उनकी एकाग्रता कम होती है और सोचने-समझने की क्षमता पर भी असर पड़ता है। भूख कम लगने से बच्चों में कमजोरी आने लगती है। विटामिन बी-12 के शुरुआती लक्षणों को नजर अंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। पेरेंट्स बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दें। हरी सब्जियां और सीजनल फ्रूट्स को डाइट में शामिल करें।
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Published on:
19 Jul 2024 04:21 pm
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