
- भवनेश गुप्ता
जयपुर। जयपुर के शिल्पकार व ख्यातनाम नगर नियोजक विद्याधर चक्रवर्ती का बसाया पुराना शहर यानी चारदीवारी। यहां तीन चौपड़ों में से एक रामगंज चौपड़ पर पहुंचा तो लोगों का जमावड़ा लगा था। यहां तीन विधानसभा क्षेत्रों की सीमा है। किशनपोल, हवामहल और आदर्शनगर। सियासी हलके में हर दावेदार के लिए यह महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है। किशनपोल क्षेत्र का भी अंतिम छोर रामगंज चौपड़ ही है। यहां सब्जी वाले खंदे में पहुंचा तो जीतू मोरवानी लोगों को चाय पिलाते मिले। अब्दुल रशीद, तुलसीराम शर्मा, मोहम्मद शमशाद चाय की चुस्कियां ले रहे थे। चुनाव और विकास की चर्चा छेड़ी तो एकसाथ बोल पड़े, सबसे पहले सीवर लाइन ठीक करा दो। नेता तो सुनते नहीं, बस दिलासा देते हैं।
चर्चा आगे बढ़ी तो पास ही मकान के बाहर बैठीं 70 साल की विद्यादेवी शर्मा खुद को रोक नहीं पाईं। जैसे-तैसे हमारे पास पहुंचीं और सीवर लाइन के मुद्दे पर अफसरों-नेताओं को खींच दिया। बार-बार दोहराती रहीं, सीवर लाइन के बहते पानी के बीच रहने को मजबूर हैं मगर सुनने वाला कोई नहीं। हमारे लिए यह सबसे बड़ी समस्या है और विकास कार्यों की सूची बने तो पहले नम्बर पर यही मुद्दा है। विद्यादेवी ने यहां कह दिया, अब किसी भी नेता पर भरोसा नहीं है, इसलिए इस बार नोटा का बटन दबाऊंगी।
जहां सीवर लाइन बह रही थी, वहां शिव मंदिर भी है, जहां तक पहुंचने के लिए 12 सीढिय़ां बनी हुई हैं। यहां से आगे बढ़ा तो फूटा खुर्रा चौराहे के नजदीक चार स्थानीय निवास बतियाते नजर आए। नसीर अहमद ने पीड़ा जताई, रामगंज इलाके को पिछड़ा समझा जाता रहा है। दूसरे इलाकों की सफाई और सडक़ देखो, हमारे यहां की हालत देखो। सडक़, सीवर, पानी, बिजली, ये मुद्दे सुलझ जाएं तो लगे कि विकास हो रहा है। यही मिल जाए, और ज्यादा कुछ नहीं चाहिए।
यहां से चीनी की बुर्ज पहुंचा। वहां बिजली लाइन बिछाने के लिए छह माह पहले बनी सडक़ उधेडऩे का काम चल रहा था। लोकण्डा मशीन की तेज आवाज के बीच वहां गाडिय़ों की मरम्मत कर रहे अब्दुल वहीद से बात की तो रह-रहकर गिरधारीलाल भार्गव का नाम लिया। बोले, भार्गव के बाद इस इलाके की सुध लेने वाला कोई नहीं मिला। वह सही मायने में नेता रहे, जिन्हें हमारी फिक्र थी। सचिवालय से सेवानिवृत्त हुए रशीद खान ने विद्युत तारों के जंजाल का जिक्र करते हुए भार्गव को याद किया।
करीब 7 हजार वोटर हैं, मस्जिद पास है, लोगों की आवाजाही लगी रहती है। पास में अंजीर के दरवाजे के समीप कांच का व्यापार करने वाले अमरचंद जांगिड़ से बात की तो सफाई का मुद्दा उठाया। बोले, कचरे की गाड़ी से ज्यादा बार तो चालान करने वाले आ धमकते हैं। रोजाना एक लाख का व्यापार मेट्रो निर्माण कार्यों के कारण 5 हजार पर आ गया। यह बोलते-बोलते अमरचंद मायूस हो गए। बरबस मुुंह से निकला, क्या पहले जैसे नेता अब नहीं होंगे?
2013 के चुनाव की स्थिति
किशनपोल विधानसभा सीट
भाजपा - 50.47 प्रतिशत
कांग्रेस - 43.31 प्रतिशत
नोटा - 1.11 प्रतिशत
हवामहल विधानसभा सीट
भाजपा - 48.89 प्रतिशत
कांग्रेस - 40 प्रतिशत
नोटा - 0.73 प्रतिशत
चीनी की बुर्ज की खासियत
- चीनी के बर्तन की तर्ज पर ही इस बुर्ज के निर्माण में इस कला व सामग्री का उपयोग हुआ।
- चौगान स्टेडियम में तीज माता की सवारी देखने राजा—महाराजा इसी बुर्ज का उपयोग करते थे।
Updated on:
17 Oct 2018 10:01 am
Published on:
17 Oct 2018 09:42 am
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