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Rajasthan Latest News : नेशनल हाईवे बनने के इतंजार कर रही राजस्थान की इन सड़कों पर लगा ग्रहण, जानें वजह

राज्य सरकार की ओर से अब तक केन्द्र सरकार को बारह बार पत्र लिखा जा चुका है और मांग की गई है कि केन्द्रीय मंत्री ने जो वादा किया था। उस वादे को पूरा किया जाए। सबसे पहला पत्र 24 जुलाई, 2018 को लिखा गया। यह पत्र मुख्य सचिव की ओर से लिखा गया था। इसके बाद पत्र व्यवहार का सिलसिला जारी रहा।

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Rajasthan News : जयपुर . राज्य में भाजपा की सरकार बने पांच माह हो गए हैं। इन पांच माह में केन्द्र सरकार के स्तर पर लम्बित पानी के दो बड़े मुद्दों को सुलझाने का काम हो गया है। ऐसे में अब सड़कों को लेकर केन्द्र के स्तर पर लम्बित मामलों के भी सुलझने की उम्मीद जगी है। भाजपा की पि छली सरकार (2013-2018) में केन्द्र सरकार ने प्रदेश की करीब पचास सड़कों को नेशनल हाइवे बनाने की सैद्धांतिक सहमति दी थी, लेकिन सरकार जाने के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। केन्द्र से कई बार पत्र व्यवहार हुआ, लेकिन कोई परिणाम नहीं आया। अब प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बन गई है। ऐसे में उम्मीद है कि इन 50 सड़कों, जिनकी लम्बाई करीब 4,772 किमी है। इन्हें नेशनल हाइवे का दर्जा मिल जाए। केन्द्र और राज्य में इस पर कई बार चर्चा हुई, लेकिन परिणाम नहीं निकला।

2015 से 2017 के बीच हुई घोषणाएं
प्रदेश में भाजपा सरकार के समय 2015 से 2017 के बीच विभिन्न कार्यक्रमों में केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Union Road and Transport Minister Nitin Gadkari) ने राज्य की 4 हजार 772 किलोमीटर सड़कों को नेशनल हाइवे बनाने की सैद्धांतिक सहमति दी थी। इसके बाद सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार से 17 बिंदुओं की सूचना मांगी गई। राज्य सरकार ने इन सूचनाओं का जवाब बनाकर केन्द्र सरकार को भेज दिया, लेकिन उसके बाद से आज तक इन सड़कों को नेशनल हाइवे घोषित करने पर कोई निर्णय नहीं हुआ।

राज्य सरकार इसलिए दे रही जोर
राज्य सरकार की ओर से केन्द्र को जो स्मरण पत्र लिखे गए हैं, उसमें कहा गया है कि प्रदेश के अधिकतम क्षेत्रफल, अन्तरराष्ट्रीय सीमा, रेगिस्तानी एवं जनजातीय क्षेत्र, खनिज क्षेत्रों की बहुलता, रिफाइनरी एवं वर्तमान जनसंख्या घनत्व को देखते हुए सुगम यातायात के लिए इन सड़कों का नेशनल हाइवे घोषित होना जरूरी है।

2018 से अब तक लिखे 12 पत्र
Roads In Rajasthan : राज्य सरकार की ओर से अब तक केन्द्र सरकार को बारह बार पत्र लिखा जा चुका है और मांग की गई है कि केन्द्रीय मंत्री ने जो वादा किया था। उस वादे को पूरा किया जाए। सबसे पहला पत्र 24 जुलाई, 2018 को लिखा गया। यह पत्र मुख्य सचिव की ओर से लिखा गया था। इसके बाद पत्र व्यवहार का सिलसिला जारी रहा। आखिरी बार सड़कों को नेशनल हाइवे घोषित करने का पत्र सितम्बर, 2023 में लिखा गया। यह पत्र तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से लिखा गया। 2023 में ही एक पत्र तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से प्रधानमंत्री को भी लिखा गया था।