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Rajasthan: पर्यटकों के लिए खुशखबरी; नाहरगढ़ में लायन सफारी शुरू,जल्द टाइगर सफारी का भी मज़ा

नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रविवार से लायन सफारी का संचालन दोबारा शुरू हो गया। सफारी शुरू होने के पहले ही दिन सैलानियों में खासा उत्साह नजर आया।

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नाहरगढ़ जैविक उद्यान, पत्रिका फोटो

Nahargarh Biological Park Lion Safari Open: जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रविवार से लायन सफारी का संचालन दोबारा शुरू हो गया। सफारी शुरू होने के पहले ही दिन सैलानियों में खासा उत्साह नजर आया। इसी के साथ बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी में भी सैलानियों की अच्छी खासी रौनक रही। तीन वाहनों में पर्यटक रोमांचक सफारी का आनंद लेते दिखे।

इस कारण बंद हुई सफारी

दरअसल, नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बीते 30 अक्टूबर को 16 पर्यटकों से भरी बस बाघ के सामने ट्रैक से उतरते समय कीचड़ में फंस गई थी। पर्यटक 30 मिनट तक बस में बैठे रहे और जब बाघ दूसरी ओर चला गया तब उन्हें दूसरे वाहन में बैठाकर सुरक्षित ले वापस लाया गया था। इस दौरान पर्यटकों की जान बाघ के डर से अटकी रही। पर्यटकों में 7 बच्चे भी शामिल थे। बता दें कि ऐसा ही मामला 16 अगस्त को रणथंभौर में में हुआ था जब कैंटर बंद हो गया और ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भाग गया था। इसके बाद डीएफओ ने आदेश जारी कर दोनों सफारियों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। अब ट्रैक की मरम्मत पूरी हो जाने के बाद यह रोक हटा ली गई है। रविवार से लायन सफारी पूर्व की तरह नियमित रूप से संचालित होने लगी है। बताया जा रहा है कि टाइगर सफारी भी जल्द ही पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी।

10 करोड़ रुपए लागत से की विकसित

नाहरगढ़ जैविक उद्यान में शुरू की गई राजस्थान की एकमात्र लॉयन और टाइगर सफारी करीब दस करोड़ की लागत से विकसित की गई है। हालांकि अभी तक ये दोनों सफारी सैलानियों को आकर्षित करने में नाकाम रही हैं। बता दें कि ये सफारी साल में कई बार बंद रहती हैं। ऐसी स्थिति में सैलानियों को मायूस लौटना पड़ता है। गत दिनों ज्यादा बारिश होने से सफारी बंद थीं, जो अब दोबारा शुरू हुई हैं।

मौतों ने तोड़ी सफारी की कड़ी

दरअसल, साल 2018 में लॉयन सफारी शुरू की गई थी। उस वक्त यहां एक मादा और दो नर शेर छोड़े गए थे। बाद में गुजरात से लाई गई शेरनी सुजैन की बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद जोधपुर से लाए गए शेर कैलाश और फिर शेर तेजस भी बीमारी से नहीं बच पाए। शेर जीएस की मौत ने सफारी को और बड़ा झटका दिया। लगातार हो रही इन मौतों ने न केवल प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि सफारी की रौनक भी खत्म कर दी। शेरनी तारा ने हाल ही एक मृत शावक को जन्म देकर वन्यजीव प्रेमियों को निराश कर दिया।