
CM Ashok Gehlot
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/अजमेर. अजमेर जिले के ब्यावर एवं केकड़ी को नया जिला बनाने की घोषणा के साथ ही अजमेर का भौगोलिक परिदृष्य बदल जाएगा।
घट जाएगी जनसंख्या
अजमेर जिले की वर्तमान में जनसंख्या करीब 30 लाख है। ब्यावर और केकड़ी को अलग से जिला बनाने से करीब 8 लाख से अधिक की आबादी अजमेर से कट जाएगी। इनमें मसूदा व अन्य उपखण्ड को मिलाने से करीब 10 लाख से अधिक आबादी अजमेर जिले से कम हो जाएगी।
राजस्व का होगा नुकसान
केकड़ी कृषि प्रधान विधानसभा क्षेत्र है। यहां गेहूं, सरसों, जीरा, मूंग का उत्पादन होता है। बड़ी कृषि मंडी भी है। कई कृषि प्रसंस्करण स्थापित हैं। इससे अजमेर का राजस्व कम होगा। सावर, एकलसिंगा व बघेरा में खनन उद्योग से सालाना 75 करोड़ की राजस्व आय होती है, जो अजमेर को नहीं मिल पाएगी। ब्यावर औद्योगिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। यहां मिनरल, पावरलूम आदि से राजस्व आय का नुकसान अजमेर जिले को होगा। सीमेन्ट उद्योग है। 100 करोड़ से अधिक राजस्व आय का नुकसान होगा।
राजनीतिक रूप से भी क्षति, बदल जाएगा सिनेरियो
अजमेर जिले में आठ विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में शामिल हैं। अब केकड़ी और ब्यावर सीधे रूप से अजमेर जिले से हट जाएंगे। साथ ही दो अन्य विधानसभा क्षेत्र भी इनमें शामिल होने पर अजमेर का राजनीतिक कद घट जाएगा।
अजमेर को ऐसे भी होगा नुकसान
अजमेर जिले को इस सरकार के कार्यकाल में मिला होम्यौपैथी कॉलेज अब केकड़ी जिले में शामिल हो जाएगा। राजकीय कृषि महाविद्यालय भी अजमेर से छिन गया है। बीएससी नर्सिंग मॉडल महाविद्यालय, आयुर्वेदिक महाविद्यालय अजमेर जिले को मिले थे और वर्तमान में यह केकड़ी में संचालित हो रहे हैं। केकड़ी जिला बनने से अजमेर को मिले यह तोहफे छिन जाएंगे।
Published on:
18 Mar 2023 02:39 pm
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