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Rajasthan News : मनमर्जी का खेल…निगम अधिकारियों ने मूंदी आंखें, धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण

हवामहल के सामने अवैध निर्माण को जिमेदार सही बताने में लगे हैं। तीन अप्रेल को किशनपोल जोन उपायुक्त पूजा मीणा ने देवस्थान विभाग को पत्र लिखकर अवैध निर्माण के संबंध में जवाब मांगा था। इस मामले में जब उनसे पूछा तो उन्होंने कई वर्ष पुराना निर्माण होने की बात कहकर अवैध निर्माण पर परदा डालने की कोशिश की।

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जयपुर. परकोटे की संकरी गलियों में धड़ल्ले से कॉप्लेक्स बनाए जा रहे हैं। नाहरगढ़ रोड और आस-पास की गलियों में 10 कॉप्लेक्स निर्माणाधीन हैं। अभी हैरिटेज निगम के जिमेदार अधिकारी आंख मूंदकर बैठे हैं। आने वाले समय में जब इन कॉप्लेक्स में दुकानें खुल जाएंगी और ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी तब इन संकरी गलियों में वाहन खड़े करने की न जगह मिलेगी और न ही पैदल चलने वालों को राह। हैरानी की बात यह है कि निगम के किसी भी अधिकारी को हैरिटेज में हो रहा यह खिलवाड़ नजर नहीं आ रहा है।

चांदपोल बाजार स्थित दीनानाथ जी गली में बीते 15 वर्ष में इतने कॉप्लेक्स बन गए कि अब यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। पालीवाल दरवाजे के ठीक सामने कई माह से बंद पड़ा निर्माण अब आकार ले चुका है। यही हाल परकोटे की अन्य गलियों में भी है।

पहले नोटिस, अब जिमेदार बता रहे पुराना निर्माण
हवामहल के सामने अवैध निर्माण को जिमेदार सही बताने में लगे हैं। तीन अप्रेल को किशनपोल जोन उपायुक्त पूजा मीणा ने देवस्थान विभाग को पत्र लिखकर अवैध निर्माण के संबंध में जवाब मांगा था। इस मामले में जब उनसे पूछा तो उन्होंने कई वर्ष पुराना निर्माण होने की बात कहकर अवैध निर्माण पर परदा डालने की कोशिश की।

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मैच फिक्सिंग की तरह कार्रवाई
फटकार के बाद हैरिटेज निगम के किशनपोल और सिविल लाइन्स जोन की टीमें शुक्रवार को बाहर निकलीं। कार्रवाई की और निर्माणाधीन इमारतों को 180 दिन से लिए सील कर दिया। यह कार्रवाई मैच फिक्सिंग ही नजर आई। क्योंकि जो निर्माण सील लिए, उनको एक से डेढ़ माह पहले ही निगम अंतिम नोटिस जारी कर चुका था।

बारह गणगौर का रास्ता में जो निर्माण सील किया, उसे निगम ने पिछले वर्ष सितबर में पहला नोटिस जारी किया था। उसके बाद भी निर्माण होता रहा।

इन्दिरा बाजार में दुकान की छत तोड़कर निर्माण करने पर पहली बार निगम ने एक माह पहले नोटिस जारी किया था।

कल्याण जी का रास्ता में बिना अनुमति के हो रहे निर्माण को पहली बार 20 मार्च और अंतिम नोटिस 29 अप्रेल को दिया था।

यादवों का चौक में सड़क सीमा में बालकनी निकालने पर पहली बार नोटिस 16 जनवरी और अंतिम नोटिस 25 जनवरी को दिया था।