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SDM थप्पड़ कांड: देवली-उनियारा बवाल पर बरसे डोटासरा, कहा- कानून व्यवस्था के लिए भी क्या पर्ची दिल्ली से आएगी

Naresh Meena: डोटासरा ने कहा कि देवली-उनियारा में बेकाबू उपद्रव एवं तनावपूर्ण हालात अत्यंत चिंताजनक हैं। सरकार स्थिति पर नियंत्रण पाने एवं कानून व्यवस्था कायम करने में पूरी तरह विफल रही है।
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जयपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 15 Nov 2024, 8:19 AM IST

Govind Singh Dotasara

Naresh Meena SDM Slap Case: देवली उनियारा के थप्पड़कांड के बाद हुए बवाल को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा राजस्थान में उपद्रव व आगजनी चरम है। गांव सुलग रहे हैं, बच्चे बिलख रहे हैं, पत्थर बरस रहे हैं और पुलिस व अधिकारी पिट रहे हैं, लेकिन भाजपा की पर्ची सरकार सोई हुई है। अब क्या कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी दिल्ली से पर्ची आएगी।

उन्होंने कहा कि देवली-उनियारा में बेकाबू उपद्रव एवं तनावपूर्ण हालात अत्यंत चिंताजनक हैं। सरकार स्थिति पर नियंत्रण पाने एवं कानून व्यवस्था कायम करने में पूरी तरह विफल रही है। मीडिया पर भी हमले हो रहे हैं। यह लोकतंत्र का परिचायक नहीं है। सरकार तत्काल सख्त कदम उठाए।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर बयान में कहा कि देवली-उनियारा की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को ऐसे संवेदनशील मामले में विशेष सतर्कता बरतते हुए जन भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए। कानून व्यवस्था को जल्द नियंत्रण में लाया जाए।

‘नरेश चुनाव में खड़े कैसे हुए, कांग्रेस कर रही जांच’

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से कहा कि नरेश मीणा खड़े कैसे हुए? किसकी शह पर खड़े हुए? वो तो कांग्रेस में आ चुके थे, €या बीजेपी को जिताने के लिए खड़ा किया गया? कांग्रेस कमेटी इसकी जांच कर रही है। देवली उनियारा में जो भी घटनाक्रम हुआ है, यह हुआ €क्यों? यह कोई मामूली घटना नहीं थी। कोई व्यक्ति अधिकारी को थप्पड़ लगाए, ऐसी स्थिति बनी ही €क्यों? हम बार-बार सरकार से कहते हैं कि गुड गवर्नेंस दें, ताकि पूरे प्रदेश का भला हो। सरकार को आलोचना को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है। कानून व्यवस्था ठप हो चुकी है। यह मामूली घटना नहीं है, कोई व्यक्ति अधिकारी को थप्पड़ लगाए। कहा जा रहा है कि जिले खत्म कर दिए जाएंगे, लेकिन एक साल से कुछ हो नहीं रहा। कोई काम हो नहीं रहे हैं और न ही सरकार फैसला ले पा रही है। सिर्फ रिव्यू मीटिंगों के अलावा कुछ भी नहीं हो रहा है।

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