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Rajasthan News : अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे सचिन पायलट, कर डाला ये ऐलान

Sachin Pilot on Ashok Gehlot : अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे सचिन पायलट, निकालेंगे 'जन संघर्ष यात्रा', अजमेर से होगी शुरुआत

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Rajasthan News Sachin Pilot Jan Sangharsh Yatra Ajmer to Jaipur

जयपुर। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) ने एक बार फिर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के हालिया दिए बयानों और आरोपों पर पलटवार करते हुए बुधवार से 'जन संघर्ष यात्रा' ( Jan Sangharsh Yatra ) निकालने का ऐलान किया है। जयपुर स्थित अपने आवास में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए पायलट ने 'जन संघर्ष यात्रा' की जानकारी देने के साथ ही मुख्यमंत्री को बेबाकी से अपने निशाने पर लिया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़ेंगे अभियान

पायलट ने कहा कि वे 'जन संघर्ष पदयात्रा' निकालने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत 11 मई को अजमेर के RPSC मुख्यालय से होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि अजमेर से जयपुर तक की 125 किलोमीटर की 'जन संघर्ष पदयात्रा' किसी पार्टी के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान है। हम जनता के बीच जाएंगे।'

'वसुंधरा राजे हैं सीएम गहलोत की नेता'
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 'विस्फोटक' बयानों पर सचिन पायलट ने बड़ा पलटवार किया। पायलट ने कहा कि धौलपुर में मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के बाद ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री गहलोत की नेता सोनिया गांधी नहीं, बल्कि उनकी नेता वसुंधरा राजे सिंधिया हैं।'

यह भी पढ़ें : सचिन पायलट का 'धमाका', बोले 'सोनिया गांधी नहीं, वसुंधरा राजे हैं सीएम अशोक गहलोत की नेता', जानें प्रेस कांफ्रेंस की बड़ी बातें

विरोधाभास को स्पष्ट करें गहलोत
पायलट ने कहा कि एक तरफ कहा जा रहा है कि हमारी सरकार को गिराने का काम भाजपा कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ कहा जाता है कि सरकार को बचाने का काम वसुंधरा राजे कर रही थीं। यह जो विरोधाभास है उसे मुख्यमंत्री को समझाना चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि आप कहना क्या चाह रहे हैं?'

'राष्ट्रद्रोह मुकदमे पर कार्रवाई की कोशिश हुई'
सचिन पायलट ने कहा कि यह बात सभी को स्पष्ट है कि सरकार बनने के बाद मैं प्रदेश का उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष था। वर्ष 2020 में देशद्रोह और राष्ट्रद्रोह के मुकदमे में तक में मेरे ऊपर कार्रवाई करने की कोशिश की गई।'

'हम नेतृत्व परिवर्तन चाहते थे'
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि मैं और हमारे कुछ साथी सरकार में नेतृत्व परिवर्तन चाहते थे। अपनी बात को लेकर हम दिल्ली भी गए और अपनी बातों को रखा। इसके बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में लगातार चर्चा हुई और अहमद पटेल, अजय माकन और वेणुगोपाल की मौजूदगी में कमिटी का गठन हुआ। हम सभी की बात सुनकर एक रोडमैप तैयार किया गया।'

'हम सभी ने पार्टी पक्ष में जी-जान लगा दी'
पायलट ने कहा कि कमिटी गठन और सुनवाई के बाद से हम सभी ने राज्यसभा चुनाव हों या विधानसभा में मतदान हों, पार्टी का प्रचार हो या कांग्रेस को मजबूत और ताकतवर बनाना हो, सभी ने जी-जान से कोशिश की और मेहनत की।

'मुझे क्या-क्या नहीं कहा गया'
पायलट ने मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्व के बयानों का ज़िक्र करते हुए कहा कि आलाकमान द्वारा कमेटी गठित करने और सुनवाई के बाद का जो ढाई साल का कार्यकाल निकला वो इस बात का प्रतीक है अनुशासन तोड़ने का काम कभी भी हम में से किसी ने नहीं किया। जबकि मुझे कोरोना, गद्दार और निकम्मा तक कहा गया।'

'नेताओं को बेइज्जत-बदनाम करने का काम हुआ'
पायलट ने कहा कि रविवार को धौलपुर में जो आरोप लगाए गए वो मैं ढाई साल से सुन रहा था। लेकिन हम अपनी पार्टी और सरकार की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे। इसीलिए जिस प्रकार का भाषण दिया गया अपने ही पार्टी के विधायकों, नेताओं और मंत्रियों को बेइज्जत और बदनाम करने का काम हो रहा है।'

'सोनिया गांधी की अवहेलना हुई'
पायलट ने कहा कि सोनिया गांधी ने 25 सितंबर को अजय माकन और मल्लिकार्जुन खरगे को जयपुर भेजा था। उस दौरान विधायकों की मीटिंग हो ही नहीं पाई। ये इस बात को स्पष्ट कर रहा है कि सोनिया गांधी के निर्देशों की अवहेलना, मानहानि, बेइज्जती और गद्दारी हुई है।'

'सरकार को संकट में लाया गया'
पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने आगे ये भी कहा कि विधायकों को उनकी इच्छा के खिलाफ इस्तीफा लिया गया और अपनी ही सरकार को संकट में खड़ा करवाया गया। आरोप लगते हैं कि मोदी और शाह के कहने पर इस्तीफे दिलवा दिए गए। यह कहा गया कि मैं यह मंच से बोलूं, ये यह शोभा नहीं देता और गंभीर राजनीति का परिचय नहीं है।

'साफ़ है कौन सत्ता-संगठन कमज़ोर कर रहा है'
पायलट ने ये भी कहा कि अब तक जो घटनाक्रम हुआ उसने दिखलाया कि अनुशासनहीनता किसने की, पार्टी का डिसीजन किसने तोड़ा और सही मायने में संगठन और सरकार को कौन मजबूत कर रहा है, कौन कमजोर कर रहा है।'

'अब समझ आया जांच क्यों नहीं हो रही, होगी'
पायलट ने आगे कहा कि वसुंधरा राजे सरकार के दौरान भ्रष्टाचार को लेकर पिछले डेढ़ साल से चिट्ठियां लिख रहा हूं। जो आरोप मैंने और मुख्यमंत्री ने लगाए थे उनकी जांच आखिर क्यों नहीं हो पा रही है और आगे क्यों नहीं होगी, अब सभी स्पष्ट हो रहा है और समझ में आ रहा है।