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सपनों को मंजिल देने की तीन कहानियां, जो आपको जोश-जूनून से भर देंगी… युवाओं को जरूर देखनी चाहिए

Success Stories Of Indian Army Officers: कैरियर में जरा सी बाधा आने पर इन दिनों युवा सुसाइड कर रहे हैं वहीं ऐसे युवा भी हैं जो कैरियर के लिए सब कुछ दांव पर लगा रहे हैं और मुकाम पा रहे हैं।

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Success Stories Of Indian Army Officers: गणतंत्र दिवस पर जोश और जूनून से भरी कुछ ऐसी कहानियां जो देश के हर युवा के लिए प्रेरणा साबित हो सकती हैं। आगे बढ़ने के लिए जी तोड़ मेहनत करने वाले तीनों युवा वैसे तो राजस्थान के अलग-अलग जिलों से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनके संघर्ष की कहानी कमोबेश एक जैसी ही है। जहां कैरियर में जरा सी बाधा आने पर इन दिनों युवा सुसाइड कर रहे हैं वहीं ऐसे युवा भी हैं जो कैरियर के लिए सब कुछ दांव पर लगा रहे हैं और मुकाम पा रहे हैं।

फाइटर पायलट प्रिया शर्मा, साहस की मिसाल

झुंझुनूं जिले के घूमनसर कला गांव की प्रिया शर्मा देश की सातवीं महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव हासिल कर चुकी हैं। भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर मनोज कुमार शर्मा की बेटी प्रिया ने जयपुर के एमएनआईटी से बीटेक किया और उसके बाद एयरफोर्स ज्वॉइन की। 2019 में हैदराबाद में दो साल के प्रशिक्षण के बाद जब प्रिया पहली बार अपने गांव पहुंची, तो ग्रामीणों ने उनका घोड़ी पर बैठाकर जुलूस निकाला। प्रिया का कहना है कि महिला और पुरुष समान हैं और हर किसी को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।

राहुल वर्मा का सेना में अफसर बनने का पूरा हुआ सपना

कोटा के एक साधारण धोबी परिवार से ताल्लुक रखने वाले राहुल वर्मा ने एनडीए परीक्षा पास कर सेना में अफसर बनने का सपना पूरा किया। पिता नंद किशोर वर्मा, जो आज भी कपड़े धोने का काम करते हैं, ने आर्थिक तंगी के बावजूद राहुल का हौसला बनाए रखा। राहुल की शुरुआती शिक्षा हिंदी माध्यम के स्कूल में हु। लेकिन पिता ने एक सीख दी कि मेहनत करने वाला भी राजा बन सकता है… उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। कठिन संघर्ष और चार प्रयासों के बाद राहुल ने सफलता हासिल की।

लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा सिंह, महिलाओं के लिए प्रेरणा

राजस्थान के जोधपुर में जन्मी प्रेरणा सिंह बचपन से ही सेना में भर्ती होने का सपना देखती थीं। उनके पिता और चाचा, जो सेना और बीएसएफ में सेवाएं दे चुके हैं, ने उन्हें प्रेरित किया। 2011 में प्रेरणा सेना के इंजीनियरिंग कोर में शामिल हुईं। 2017 में मेजर बनीं और हाल ही में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर प्रोन्नत हुईं। प्रेरणा कहती हैं कि उनके दादा और नाना को वर्दी में देखकर उनके भीतर देशसेवा का जुनून जागा। उनके पति वकील हैं।