
बीजेपी। पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर रखे हैं, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में भी समय लग रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार अक्टूबर-नवंबर में निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ करवाने की तैयारी में जुटी है। ऐसे में भाजपा ने अभी से चुनावों में जीत की रणनीति और जन-जन तक पहुंचने की दिशा में काम करना शुरू किया है।
पार्टी पंचायत-निकाय चुनावों से पहले पांच बड़े अभियान चलाकर केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं और पार्टी की रीति-नीति जनता तक पहुंचाएगी। वहीं, पार्टी बूथ स्तर तक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रही है, जिससे हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता की भागीदारी पार्टी कार्यक्रमों में हो। ऐसा कर पार्टी यह तय कर रही है कि जब भी चुनाव हों, पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरे।
भाजपा ने प्रदेश में सत्ता आने के बाद नए चेहरों को मौका दिया है। अब ढाई-तीन साल बाद पहली बड़ी परीक्षा होने जा रही है। यह परीक्षा गांवों से लेकर शहरों तक होगी। ऐसे में पार्टी यह संदेश देना चाहती कि नए चेहरों पर जो विश्वास जताया गया है, वह पूरी तरह से खरा उतरा है। इसलिए सरकार की योजनाओं और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में अभियानों के जरिए काम होगा। इसके अलावा भाजपा सामाजिक वर्गों को साधने, संगठन को सक्रिय रखने और मतदाताओं से सीधा संपर्क रखने पर भी जोर दे रही है।
1. 12 अप्रेल तक भाजपा स्थापना दिवस कार्यक्रम
2. 14 अप्रेल को बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती
3. एक बूथ-नारी मजबूत
4. 23 जून को श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस
5. 25 सितंबर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती
बता दें कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पदाधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान प्रदेश पदाधिकारियों के साथ आगामी चुनाव और संगठनात्मक कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की। पिछले तीन महीनों में संगठन में क्या-क्या काम हुआ है, उसकी समीक्षा की गई है। इसके अलावा चुनाव में जीत के लिए क्या करें, इसके लिए विस्तार से बताया।
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Updated on:
08 Apr 2026 09:30 am
Published on:
08 Apr 2026 09:22 am
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