6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गणतंत्र दिवस पर आतंकी हमले को लेकर इंटेलीजेंस का अलर्ट जारी, बॉर्डर पर बीएसएफ जवानों ने कसी कमर

भरतपुर में होने वाले मुख्य समारोह से पहले सुरक्षा की ट्रायल...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Dinesh Saini

•

Updated: 24 Jan 2018, 12:25 PM IST

Republic day

जयपुर। प्रदेश में गणतंत्र दिवस से पहले इंटेलीजेंस ने आतंकी खतरे का अलर्ट जारी किया है। अलर्ट को लेकर सभी पुलिस अधीक्षकों और अन्य पुलिस एजेंसियों को कहा गया है कि वे अपने-अपने जिले में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता व्यवस्था करें और गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों पर विशेष सुरक्षा बरतें। इस बीच भरतपुर में होने वाले मुख्य समारोह को लेकर पुलिस अफसरों ने कमर कस ली है। मुख्य समारोह की सुरक्षा की मॉनिटरिंग खुद डीजीपी ओपी गल्होत्रा कर रहे हैं।

मंगलवार शाम सीएम सुरक्षा काफिले ने शहर में पूर्वाभ्यास किया। इस दौरान वाहनों का काफिला तेजी से दौड़ा तो अटलबंध रोड पर अचानक कफिले के सामने गाय आ गई और इस कारण से काफिला थम गया। पिछले कई दिनों से शहर को सांड़ व आवारा गायों से मुक्त करने के प्रयास असफल रहे। अभी भी शहर की सडक़ों पर आवारा सांड व गाय घूम रही हैं। सुरक्षा में लगे काफिले की गाडिय़ों ने दिनभर पूर्वाभ्यास किया। इस दौरान काफिला लक्ष्मी विलास होटल से शुरू होकर लोहागढ़ स्टेडियम गया।

उधर, सुरक्षा को देखते हुए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ ही बीएसएफ के अफसरों ने भी कमर कस ली है। बाड़मेर, जैसलमेर और अन्य बॉर्डर जिलों पर गुजरे सात दिनों से ही सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा सख्त कर दी गई है। गांव वालों से भी सतर्क रहने को कहा गया है। बॉर्डर के आस-पास होने वाले हर छोटे बड़े मूवमेंट के बारे में बीएसएफ के अफसर खुद जानकारी ले रहे हैं।

जयपुर में प्रभारी मंत्री फहराएंगे झंडा
जयपुर में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में प्रभारी मंत्री कालीचरण सराफ झंडा फहराएंगे। जयपुर में होने वाला समारोह चौगान स्टेडियम में होगा। चौगान स्टेडियम को पुलिस ने मंगलवार का अपने कब्जे में ले लिया। मंगलवार शाम चौगान स्टेडियम में भी समारोह की तैयारियों को लेकर पूर्वाभ्यास किया गया। जयपुर में बड़ी चौपड़ और रामगंज चौपड़ पर होने वाले समारोहों को लेकर भी भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल आठ सितंबर को रामगंज थाने के बाहर हुए बवाल के बाद पुलिस को शांति व्यवस्था कायम करने में काफी समय लगा था। इस हादसे के बाद यह पहला समाजिक कार्यक्रम है।