केपी त्रिपाठी, मेरठ। जिले का विक्टोरिया पार्क भारत की आजादी की लड़ाई का मूक गवाह है। विक्टोरिया पार्क की नई जेल में बंद भारतीय सैनिकों को छुड़वाने के लिए क्रांतिकारियों की कोशिश इतिहास में दर्ज हो गई। प्रसिद्ध इतिहासकार केडी शर्मा के अनुसार, जब भारतीय सैनिकों ने विद्रोह किया तो अंग्रेजों को डर लगने लगा कि अगर उन्हें बैरक की जेल में रखा तो कहीं विद्रोह न भड़क जाए, इसलिए उन्होंने छावनी से पांच किमी दूर जंगल में विक्टोरिया पार्क नामक स्थान पर एक नई जेल तैयार कराई। 9 मई को वहां पर इन 85 भारतीय सैनिकों को कैद कर दिया गया। 10 मई को रविवार के दिन भारतीय सैनिकों ने उन्हें वहां से छुड़ा लिया था।