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राजस्थान में ओवरलोड वाहनों को खुली छूट! 12 दिन में बिना कार्रवाई गुजर गए 37,501 वाहन

Transport Department Negligence: राजस्थान में लगातार बढ़ते सड़क हादसे और उनमें हो रही जनहानि भी परिवहन विभाग के सिस्टम को जगाने में नाकाम साबित हो रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई के आदेश जारी कर रखे हैं, लेकिन प्रदेश में इन 'मौत के सौदागरों' को थामने के बजाय सिस्टम लापरवाह बना हुआ है।
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जयपुर

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Anand Prakash Yadav

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विजय शर्मा

Jun 24, 2026

Overloaded Truck Action

ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई में आरटीओ नाकाम, पत्रिका फोटो

Transport Department Negligence: राजस्थान में लगातार बढ़ते सड़क हादसे और उनमें हो रही जनहानि भी परिवहन विभाग के सिस्टम को जगाने में नाकाम साबित हो रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई के आदेश जारी कर रखे हैं, लेकिन प्रदेश में इन 'मौत के सौदागरों' को थामने के बजाय सिस्टम लापरवाह बना हुआ है। विभाग के अपने ही आकड़े इस बात की गवाही दे रहे है कि कैसे जनता की सुरक्षा को ताक पर रखकर सड़कों को अनसेफ बनाया जा रहा है।

विवादः सख्ती पर हड़ताल की धमकी, वसूली बंद होने का डर

परिवहन विभाग ने हर इंस्पेक्टर को रोजाना 5 ओवरलोड वाहन पकड़ने का टारगेट दिया. तो बगावत शुरू हो गई। साठगांठ को तोड़ने के लिए शुरू की गई अंतर रीजन चैकिंग व्यवस्था (उड़नदस्तों के दूसरे क्षेत्र में जाकर कार्रवाई करना) का भी पुरजोर विरोध हो रहा है। इस नई व्यवस्था से सड़कों पर होने वाली अवैध वसूली पर लगाम लग जाएगी, जिससे इसका विरोध हो रहा है।

परिवहन निरीक्षकों का तर्क

राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष रॉबिन सिंह का कहना है कि रोज 5 वाहनों का टारगेट और शनिवार रविवार को भी काम कराया जाना गलत है। अंतर रीजन चेकिंग के लिए टीए-डीए भी नहीं मिल रहा। हम अवकाश के दिन काम नहीं करेंगे और हड़ताल पर जाएंगे।

परिवहन विभाग का पक्ष

परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा है कि निरीक्षकों से सिर्फ उनका निर्धारित काम लिया जा रहा है। ओवरलोड वाहन किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिए जाएंगे। निरीक्षकों की अगर कोई जायज समस्या है, तो वे आकर मिलें, नियमानुसार समाधान होगा।

यहां अधिकारियों ने की अनदेखी

जिला/कार्यालयई-रवन्ना जनरेटकार्रवाई नहीं हुई
सीकर53975346
झुंझुनू748743
अजमेर751730
ब्यावर437432
सुजानगढ़17141708
नागौर358341
खेतड़ी20352026
डीडवाना6028
जोधपुर5419
टोंक339332
बाड़मेर11821166
किशनगढ़3832
जैसलमेर3229
केकड़ी889885
बालोतरा113
अलवर37263681
पोखरण4040
भरतपुर45784554
पाली14371431
दौसा350350
सिरोही18211817
सवाई माधोपुर145122
आबूरोड213212
करौली668662
जालोर455450
बीकानेर603550
कोटा7267
नोखा6449
बूंदी126118
श्रीगंगानगर691675
झालावाड़126126
हनुमानगढ़110110
बारां376375
नोहर9679
उदयपुर240225
जयपुर प्रथम15321471
बांसवाड़ा7068
डूंगरपुर162160
जयपुर द्वितीय14591428
राजसमंद14271394
चौमूं491489
चित्तौड़गढ़126120
कोटपूतली16071570
भीलवाड़ा543532

ई-रवन्ना के बाद भी धड़ल्ले से गुजरे

बीते 12 दिनों में प्रदेश के विभिन्न आरटीओ और डीटीओ क्षेत्रों से 38,222 ओवरलोड वाहन ई-रवन्ना जनरेट होने के बाद भी धड़ल्ले से गुजरे। 200 से अधिक परिवहन निरीक्षकों ने इनमें से 721 वाहनों पर ही कार्रवाई की। यानी 37.501 ओवरलोड वाहन बिना कार्रवाई के निकल गए। हैरानी वाली बात है कि इन 125 से अधिक निरीक्षकों ने तो पूरे 12 दिन में एक भी ओवरलोड वाहन नहीं पकड़ा।