22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Strike Postponed: राजस्थान में पेयजल आपूर्ति और विकास कार्यों पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टला, जानें कारण

Rajasthan water supply projects: पीएचईडी कॉन्ट्रेक्टर्स की हड़ताल टली: सरकार से सहमति के बाद 5 मई तक स्थगित आंदोलन। सरकार–कॉन्ट्रेक्टर्स वार्ता सफल, टला संकट।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rajesh Dixit

Apr 22, 2026

Bisalpur Dam, Bisalpur Dam Latest News, Bisalpur Dam Update News, Water in Bisalpur Dam, Bisalpur Dam Water Latest News, Tonk News, Rajasthan News, Bisalpur Dam Water Level

बीसलपुर बांध। फाइल फोटो- पत्रिका

Rajasthan PHED contractors: जयपुर. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के कॉन्ट्रेक्टर्स द्वारा प्रस्तावित हड़ताल को राज्य सरकार के साथ हुई सकारात्मक और परिणामदायी वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के साथ हुई विस्तृत चर्चा के पश्चात लिया गया। कॉन्ट्रेक्टर्स ने आपसी सहमति से अपने आंदोलन को 5 मई 2026 तक स्थगित रखने का ऐलान किया है। इस फैसले से प्रदेश में पेयजल आपूर्ति और विकास कार्यों पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है।

5000 करोड़ रुपए के भुगतान का आश्वासन, मांगों पर सहमति

बैठक के दौरान राज्य सरकार ने कॉन्ट्रेक्टर्स की प्रमुख मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए। सरकार ने मई माह तक 2500 करोड़ रुपए और जून के अंत तक अतिरिक्त 2500 करोड़ रुपए का भुगतान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही कई तकनीकी और वित्तीय मुद्दों पर भी सहमति बनी है, जिससे कॉन्ट्रेक्टर्स को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि मई 2024 तक पूर्ण किए गए कार्यों के लिए नियमानुसार एलडी (लिक्विडेटेड डैमेज) में राहत प्रदान की जाएगी। जिन निविदाओं में प्राइस वेरिएशन क्लॉज लागू है, उनमें कॉन्ट्रेक्टर्स को नियमानुसार लाभ दिया जाएगा। यह निर्णय बढ़ती लागत और महंगाई के बीच काम कर रहे ठेकेदारों के लिए राहतभरा माना जा रहा है।

जल परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, जनता को राहत

बैठक में यह भी तय हुआ कि 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुके कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द फाइनल कर उनका हैंडओवर सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा जीएसटी अंतर राशि के भुगतान के लिए 10 दिनों के भीतर वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिससे लंबित भुगतान प्रक्रिया को तेजी मिल सके।

सरकार और कॉन्ट्रेक्टर्स के बीच बनी इस सहमति से प्रदेश में जलापूर्ति से जुड़े प्रोजेक्ट्स को नई गति मिलने की संभावना है। यदि हड़ताल होती तो गर्मी के मौसम में पेयजल संकट गहरा सकता था, लेकिन इस फैसले से आमजन को राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता न केवल विकास कार्यों को गति देगा, बल्कि सरकार और ठेकेदारों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित करेगा।