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Dinesh MN: जानिए इस IPS ऑफिसर को क्यों मिली ‘सिंघम’ की पहचान, क्यों थर-थर कांपते हैं अपराधी?

Rajasthan Police 'Singham' IPS Officer Dinesh MN, know full profile

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Rajasthan Police 'Singham' IPS Officer Dinesh MN, know full profile

जयपुर।

गहलोत सरकार की ओर से आईपीएस अफसरों (IPS Officers) की जारी हुई ताज़ा तबादला सूची (Transfer List) के बाद आईजी दिनेश एमएन (IG Dinesh MN) एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गए हैं। दिनेश एमएन (IPS Dinesh MN) की एक बार फिर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) में वापसी हुई है। 17 दिन पहले ही उन्हें बीकानेर आईजी पद से हटाकर आईजी इंटेलिजेंस तैनात किया। गौरतलब है कि दिनेश एमएन को पुलिस महकमें में 'सिंघम' की पहचान मिली हुई है। दिनेश बार-बार तबादला होने के चलते भी सुर्ख़ियों में रहते हैं।


दरअसल, दिनेश एमएन की छवि एक दबंग और ईमानदार आईपीएस ऑफिसर की रही है। अपने पुलिस करियर के दौरान उन्होंने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। कई बार अपनी जान पर खेलकर उन्होंने कई कुख्यात बदमाशों को सलाखों तक पहुंचाया है। वहीं एसीबी में रहते हुए भ्रष्ट तंत्र से जुड़े कई बड़े अधिकारियों पर भी उनकी गाज गिरी है।


फिल्मों के दबंग पुलिस अफसरों की जांबाजी के किस्से की तर्ज़ पर उनकी रियल लाइफ में भी ऐसे कई वाकये हैं जो उन्हें एक 'दबंग' अफसर बनाते हैं। इनके करियर की सफलताओं को देखकर अंदाज़ा लगा सकते हैं कि उनके नाम से ही अपराधी खौफ खाते हैं।

... इसलिए कहलाते हैं 'सिंघम'?

- दिल्ली-जयपुर राजमार्ग स्थित शाहपुरा सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट भारत भूषण गोयल को साढ़े तीन लाख रूपए के साथ ट्रेप किया। गोयल ने यह रकम आयुर्वेदिक औषधियों की फैक्ट्री लगाने के लिए एक उद्यमी से तय हुए 25 लाख रूपए की रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर ली थी।


- आबकारी इंस्पेक्टर पूजा यादव को शराब की दुकान लगाने वाले अलॉटी से 40 हज़ार रूपए की घूस लेते रंगे हाथ ट्रेप किया। दिनेश की टीम ने पूजा यादव के घर से 5 लाख रूपए और दूसरे राज्यों से लाई गई शराब की 19 बोतलें बरामद कीं थीं।


- जयपुर के मालवीय नगर इलाके में एक मकान के निर्माण की मंजूरी देने के लिए 70 हज़ार की घूस लेते एक दलाल और जयपुर नगर निगम के दो अधिकारियों को पकड़ा था।


- राजस्थान हाइकोर्ट ने दिनेश एमएन को हिंगोनिया गोशाला में चारा घोटाले की जांच की पड़ताल की जिम्मेदारी सौंपी। यहां से आठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया।


- जयपुर में जमीन की वैधानिक मंजूरी देने के लिए शिविर में हो रहे भ्रष्ट अफसरों पर शिकंजा कसा। यहां से जयपुर विकास प्राधिकरण के चार अधिकारियों को खुलेआम घूस मांगते पकड़ा गया।


- साल 2005 में सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले में सुर्ख़ियों में बने रहे। दिनेश की गिरफ्तारी हुई और उन्हें जेल भेज दिया गया। सोहराबुद्दीन के साथ ही उसकी बीवी कौसर बी और साथी तुलसी प्रजापति जब मुठभेड़ में मारे गए तब दिनेश उदयपुर के एसपी थे।


- साल 2014 में जमानत पर रिहा हुए दिनेश एमएन को राजस्थान लघु उद्योग निगम के निदेशक के पद पर तैनात किया गया। हालांकि इस पद का पुलिस विभाग से कोई लेना-देना नहीं था।


- इसके करीब साल भर बाद एसीबी में रहते हुए उन्होंने राजस्थान के सबसे बड़े खान महाघूसकांड का पर्दाफ़ाश करने में अहम् भूमिका निभाई। इसमें प्रमुख सचिव (खदान) अशोक सिंघवी को गिरफ्तार किया गया। ये घूसकांड देश भर में सुर्ख़ियों में छाया रहा।


- करौली जिले में तैनातगी के दौरान कई डकैत गिरोहों का पर्दाफ़ाश किया। इस दौरान उनपर कई तरह के आरोप लगे।


- सवाई माधोपुर में कुख्यात डकैत राम सिंह गुर्जर को मौत के घाट उतारने में भी दिनेश एमएन का नाम सामने आया था। राम सिंह गुर्जर पर हत्या और अपहरण के दर्जनों मामले दर्ज थे।


- 2003 के दौरान झुंझुनू एसपी रहते हुए शराब माफियाओं और सट्टेबाज़ों पर नकेल कसी और पर कार्रवाई की। इस दौरान कई गिरोह का भंडाफोड़ करने में कामयाब हुए।


- 2004 में उन्हें फिर उदयपुर में दंगा नियंत्रण के लिए भेजा गया और केंद्र में प्रतिनियुक्ति की उनकी अर्जी खारिज हुई।


पिछले दिनों मनाया था 'बेदाग़' रिहाई का जश्न, वीडियो हुआ था वायरल
बहुचर्चित सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर मामले में सीबीआई स्पेशल कोर्ट से बरी हुए पुलिस अफसरों और जवानों ने पिछले दिनों ख़ुशी का इज़हार जमकर डांस करके किया था।इनमें आईपीएस अफसर दिनेश एमएन भी शामिल थे। इन अधिकारियों और अफसरों ने इस ख़ुशी में बाकायदा एक पार्टी आयोजित की और इसे जमकर सेलिब्रेट किया। जश्न में डूबे 'खाकी' की इस पार्टी का VIDEO ज़बरदस्त तरीके से VIRAL हुआ।