
rajasthan politics : लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राजस्थान में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बागीदौरा से कांग्रेस विधायक महेन्द्र जीत मालवीया के भाजपा में जाने की चर्चा तेजी से उड़ी हुई है। उन्होंने इस पर आधिकारिक रूप से मीडिया में हां तो नहीं भरी है, लेकिन उनका कांग्रेस को लेकर शुक्रवार को दिया गया एक बयान चर्चा में रहा।
विधायक मालवीया ने कहा कि कांग्रेस आज कुछ लोगों के बीच घिर गई है। देश और जनता के लिए पहले जैसा विजन भी नहीं है। जब उनसे भाजपा में शामिल होने को लेकर सवाल किया गया तो उनका कहना था कि देखो, आज देखते हैं। इसके बाद जब उनसे कांग्रेस छोड़ने का कारण पूछा गया तो वे पार्टी पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आज जो स्थिति हो रही है वो आप देख रहे हो। वर्ष 2013 में नेता प्रतिपक्ष के रूप में मेरा नाम था। तीन वर्ष तक मुझे नहीं बनाया। अभी भी नेता प्रतिपक्ष में नाम था। गौरतलब है कि मालवीया एक दिन पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी मिले थे। सूत्रों के अनुसार पिछले 15 दिनों में उनकी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ से भी मुलाकात हो चुकी है।
‘कोई आए या जाए इससे पार्टी को फर्क नहीं पड़ता’
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विधायक मालवीया पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई आए या जाए इससे पार्टी को फर्क नहीं पड़ता। वे किस दबाव में जा रहे हैं यह तो वही बता सकते हैं, लेकिन जिस पार्टी ने जिला प्रमुख, सांसद, विधायक, मंत्री और वर्किंग कमेटी का सदस्य बनाया। उस पार्टी को गद्दार कहने वाले कांग्रेस में रहने के लायक नहीं हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मालवीया एक बार पार्टी फोरम पर यह बात कहते, मैं उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनवाने के लिए पूरा जोर लगा देता, लेकिन जब दूसरी पार्टी में जाने का मन होता तभी ऐसा ठीकरा फोड़ा जाता है।
गहलोत से मिले डूंगरपुर-बांसवाड़ा के नेता
मालवीया के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच शुक्रवार को डूंगरपुर और बांसवाड़ा के नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। विधायक अर्जुन बामणिया, नानालाल निनामा, रमिला खड़िया और कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया ने सियासी घटनाक्रम की जानकारी गहलोत को दी।
Published on:
17 Feb 2024 09:47 am
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