24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सोनिया गांधी-सचिन पायलट की मुलाकात, जानें राजस्थान पर क्या हुई बात

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बाद सचिन पायलट ने सोनिया गांधी से मुलाकात की। सोनिया गांधी और सचिन पायलट की मुलाकात करीब एक घंटे तक चली।

2 min read
Google source verification
rajasthan political crisis update sachin pilot meets sonia gandhi

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बाद सचिन पायलट ने सोनिया गांधी से मुलाकात की। सोनिया गांधी और सचिन पायलट की मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष से राजस्थान पर विस्तार से बात हुई है। मैंने अपनी बातें कहीं। उन्होंने सारी बातों को सुना। पायलट ने कहा कि हमारा मकसद है कि हम अगली बार भी राजस्थान में सरकार बनाएं। इसके लिए हमको मिलकर काम करना है। 2023 में विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे। हमें यकीन है कि हम दोबारा सरकार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान पर सोनिया गांधी फैसला लेंगी। वो सबको मंजूर होगा। राजस्थान पर पार्टी सकारात्मक फैसला लेगी। वहीं मुख्यमंत्री के सवाल को टाल गए सचिन पायलट।

यह भी पढ़ें : अशोक गहलोत का एलान- नहीं लड़ूंगा कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव, सीएम पद का फैसला करेंगी सोनिया

इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। बैठक के बाद अशोक गहलोत ने कहा कि मैं कांग्रेस का वफादार सिपाही रहा हूं। हाल ही में राजस्थान कांग्रेस में जो भी कुछ हुआ उसके लिए मैंने सोनिया गांधी के समक्ष खेद जताया। गहलोत ने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ूंगा। जब अशोक गहलोत से ये पूछा गया कि क्या आप राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रहेंगे तो उन्होंने कहा कि मैं यह तय नहीं करूंगा, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी यह तय करेंगी।

यह भी पढ़ें : राजस्थान को लेकर कांग्रेस की एडवाइजरी जारी, नेताओं को दी यह हिदायत

राजस्थान को लेकर कांग्रेस की एडवाइजरी जारी
राजस्थान में कांग्रेस में जारी घमासान के बीच अब हाईकमान की ओर से डेमेज कंट्रोल की कोशिश की जा रही है। ताकी किसी तरीके से कांग्रेस पार्टी की ईमेज खराब नहीं हो। अब कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से राजस्थान के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। जिसमें कांग्रेस नेताओं को हिदायत दी गई है कि एक दूसरे के खिलाफ किसी तरीके से बयानबाजी नहीं करे। अगर किसी भी कांग्रेस नेता की ओर से विवादास्पद बयान दिए गए तो पार्टी उसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई करेगी।