उल्लेखनीय है कि वैभव के चुनाव प्रचार से भी पायलट को दूर रखा गया था। चुनाव के बीच जब पायलट से पूछा गया था कि आप वैभव के प्रचार में क्यों नहीं गए तो उन्होंने कहा था कि जो मुझे बुला रहा है और पार्टी जहां भेज रही है, वहीं प्रचार के लिए जा रहा हूं। गहलोत ने चुनाव के बाद पायलट के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि प्रियंका गांधी आईं थीं, सचिन आते तो सब वेलकम करते। चुनाव में कोई बुलाता है, कोई नहीं बुलाता है। सब अपने समीकरण देखते हैं। इसमें बुरा मानने की क्या बात है। चुनाव के बीच ऐसे बयान पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं।