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राजस्थान: मौसम के गरमाए पारे के बीच ‘हॉट पॉलिटिक्स’, कांग्रेस-भाजपा नेताओं के वार-पलटवार से बढ़ रही सियासी गर्माहट

- मौसम के गरमाए पारे के बीच 'हॉट पॉलिटिक्स', - कांग्रेस-भाजपा नेताओं के बयानों में दिख रही 'गर्माहट', - भाजपा के सीनियर नेताओं के निशाने पर मुख्यमंत्री, - भाजपा के 'वार' पर मुख्यमंत्री भी कर रहे 'पलटवार', - अब राठौड़ बोले, 'सीएम के लिए विपक्ष का हर नेता विलन'  

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Rajasthan Politics ignites as Congress BJP leaders confronts

जयपुर।

राजस्थान में मौसम के गरमाए पारे के साथ-साथ सियासत भी उबाल पर है। करौली हिंसा मामले सहित प्रदेश की बिगड़ी क़ानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच हर दिन ज़बानी जंग जारी है। एक तरफ जहां भाजपा के सीनियर नेता मुख्यमंत्री को टारगेट करते हुए बयानी वार कर रहे हैं, तो वहीं मुख्यमंत्री भी समय-समय पर इन बयानों पर पलटवार करने मे पीछे नहीं हैं।

डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती पर गुरुवार को विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रदेश भाजपा से लेकर केंद्र की मोदी सरकार तक को निशाने पर लिया, जिसके बाद विरोधी दल के नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के बयानों पर जवाबी बयानी हमले किए।

'सीएम के लिए विपक्ष का हर नेता विलन'
विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री के बयानों पर पलटवार किया। राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री का हर बार की तरह 24 घंटे यह राग अलापना कि लोकतंत्र खतरे में है, केन्द्रीय संस्थाएं दबाव में है तथा अपनी नाकामी छिपाते हुए भाजपा नेताओं को कोसना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को तो विपक्ष का हर नेता ही विलेन नजर आता है।

'जन सरोकार के मुद्दों पर बात करें गहलोत'
राठौड़ ने ट्वीट बयान जारी करते हुए कहा कि राज्य में कांग्रेस सरकार का अधिकांश समय निकल गया है। सरकार ने अब तक चार बजट पेश कर दिए हैं। जनता चाहती हैं कि आप विकास यात्रा की बात करें, जन घोषणा पत्र व चार बजटों में की गई घोषणाओं की बात करें, किसान कर्जमाफी की बात करें, बेरोजगारी की बात करें, महंगाई नियंत्रण के लिए जो घोषणा की थी उस पर बात करें।

'कृपया अपनी कमियों को नजरअंदाज ना करे'
राठौड़ ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, 'कोई भी कार्यक्रम हो आप राजस्थान सरकार की विफलता, लचर कानून व्यवस्था, महिला दुष्कर्म, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी व विकास के मुद्दों की बजाय केन्द्र सरकार को कोसने का काम करते हैं। आप राज्य के मुखिया है, संविधान की शपथ आपने भी ली है।कृपया अपनी कमियों को नजरअंदाज ना करें।