
जयपुर: राजस्थान की महत्वपूर्ण परवन वृहद् सिंचाई परियोजना एक बार फिर सियासत के केंद्र में है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया ने आरोप लगाया कि चूंकि इस परियोजना का शिलान्यास राहुल गांधी ने किया था, इसलिए भाजपा ने इसे पांच साल तक लटकाए रखा। हालांकि, मंत्री सुरेश रावत ने सदन में तल्ख लहजे में जवाब देते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट में 'गड़बड़झाला' कांग्रेस के समय ही शुरू हुआ था और खुद कांग्रेस के ही विधायक ने इसकी शिकायत की थी।
पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने सदन में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भाजपा ने जानबूझकर इस प्रोजेक्ट को डिले किया। उन्होंने दो मुख्य बिंदु उठाए,
जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने तथ्यों के साथ जवाब देते हुए कांग्रेस को आईना दिखाया। उन्होंने बताया कि:
मंत्री रावत ने सदन में कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारियों को बहाल करने के बाद जांच दल गठित करना केवल एक 'दिखावा' था। उन्होंने कहा, "यह खेल देखिए, पहले निलंबित किया, फिर बहाल किया और बहाली के बाद जांच बिठाई। बहाल होने के बाद कोई जांच कैसे हो सकती है?"
मंत्री ने प्रमोद जैन भाया को आश्वस्त किया कि वर्तमान भजनलाल सरकार इस मामले को हल्के में नहीं लेगी। उन्होंने घोषणा की कि पाइप क्वालिटी और भ्रष्टाचार के इस मामले में जो भी इंजीनियर या कॉन्ट्रैक्टर दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परवन परियोजना झालावाड़, बारां और कोटा जिले के किसानों के लिए जीवनदायिनी है। पाइपों की गुणवत्ता में गड़बड़ी का मतलब है कि भविष्य में लीकेज और सिंचाई में बाधा आने का खतरा। प्रमोद जैन भाया ने इसी 'लाइफ टाइम' नुकसान की चिंता जताई थी, जिस पर अब सरकार ने जांच की मुहर लगा दी है।
Updated on:
27 Feb 2026 05:05 pm
Published on:
27 Feb 2026 05:05 pm
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