
जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनावों (Rajasthan election 2018 ) को लेकर भाजपा से बागी होकर भारत वाहिनी पार्टी बनाने वाले घनश्याम तिवाड़ी (Ghanshyam Tiwari) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का गठन करने वाले हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) एक हो चुके हैं। इनको लेकर भाजपा सतर्क हो गई है। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि भले ही यह दोनों खुद को प्रदेश में तीसरी ताकत के तौर पर दिखा रहे हो, लेकिन वह भाजपा के कुछ वोटों को काटने से ज्यादा नुकसान नहीं कर पाएंगे। उधर, दलित और पिछड़ों में असर रखने वाली बसपा एक बार फिर लगभग सभी 200 सीटों पर उम्मीदवार उतारने जा रही है।
मध्यप्रदेश (MP Election 2018) में क्षेत्रीय दलों को लेकर कांग्रेस और भाजपा चिंतित
मध्यप्रदेश में क्षेत्रीय दलों को लेकर कांग्रेस और भाजपा ज्यादा परेशान दिख रही है। यही कारण रहा कि कांग्रेस ने आदिवासी समुदाय में पैठ बना रही जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के प्रमुख नेता हीरालाल अलवा को अपना उम्मीदवार बना दिया है। सामान्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (स्पाक्स) भी मध्य प्रदेश के रण में ताल ठोक रहा है। पार्टी की सरकारी कर्मियों पर पकड़ मानी जाती है। वहीं प्रदेश में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
Updated on:
15 Nov 2018 01:01 pm
Published on:
15 Nov 2018 12:24 pm
