
प्रतीकात्मक तस्वीर-एआई जेनरेटेड
जयपुर। शिक्षा विभाग भले ही आरटीई ( शिक्षा का अधिकार) के तहत तीन लाख से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने के दावे कर रहा हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान अभिभावक बुधवार को बच्चों के साथ शिक्षा संकुल पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
बच्चों ने हाथों में पोस्टर लेकर सवाल उठाया- 'क्या हमें शिक्षा का अधिकार नहीं?' संयुक्त अभिभावक संघ के बैनर तले अभिभावकों ने सरकार और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रवक्ता अभिषेक जैन ने कहा कि शिक्षा विभाग लगातार आदेश जारी कर रहा है, इसके बावजूद निजी स्कूल आरटीई में चयनित बच्चों को दाखिला नहीं दे रहे हैं। पिछले तीन महीनों से अभिभावकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। स्कूल हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का हवाला देकर दाखिला देने से बच रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग दाखिला सुनिश्चित करने का आदेश दे रहा है। अभिभावकों का कहना है कि विभाग में शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने चेतावनी दी कि 'बुधवार को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया है। अगर सात दिन में आरटीई चयनित बच्चों को दाखिला नहीं दिया गया और उनकी पढ़ाई शुरू नहीं हुई तो प्रदेशभर में उग्र प्रदर्शन होगा।'
Published on:
24 Jul 2025 02:52 pm
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